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पुलिस से सूचना क्या माँगी भेज दिया जेल

सीतापुर पुलिस को एक महिला के अपहरण की एफआईआर लिखने में सात साल लग गए। महिला का आज तक कुछ पता नहीं चला। इस बारे में जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी माँगी गई तो सूचना माँगने वाले सतीश चन्द्र शुक्ल को पुलिस ने छह दिन जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया। पुलिस अब जमानत पर छूटे श्री शुक्ल को दूसरे फर्जी मुकदमे में फँसाने में जुटी है। गुरुवार को आयोग में मामले की सुनवाई है। दोबारा गिरफ्तार होने के डर से श्री शुक्ल आयोग आने से कतरा रहे हैं।ड्ढr सीतापुर जिले के बिस्वाँ तहसील में सेठगंज इलाके के निवासी अगने (उम्र 65) की मृत्यु के बाद उसके सगे भाई गुरुदीन उनकी सम्पत्ति पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मृतक अगने की पत्नी भगौती देवी का 1में अपहरण हो गया। इस मामले में गुरुदीन सहित क्षेत्र के लेखपाल व कानूनगो सहित पाँच लोगों पर सात साल बाद कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में पुलिस की मिलीभगत से लेखपाल सुमेश तिवारी और कानूनगो जगदीश प्रसाद पर से मुकदमे हटा लिए गए।ड्ढr मृतक अगने के पारिवारिक मित्र श्री शुक्ल ने पुलिस से जानकारी माँगी थी कि भगौती देवी का अपहरण 1में हुआ और रिपोर्ट 2004 में क्यों लिखी गई? इस मामले में पाँच लोगों को नामजद किया गया। श्री शुक्ल ने सूचना माँगी थी कि लेखपाल व कानूनगो पर से मुकदमें क्यों हटाए गए?ड्ढr अपहरण के मामले में पुलिस से सूचना माँगने पर श्री शुक्ल को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने तो सूचना की अर्जी लेने से ही इनकार कर दिया। हार कर श्री शुक्ल सूचना आयोग की शरण में गए।ड्ढr आयोग में सुनवाई की तारीख 31 दिसम्बर तय की गई और 27 दिसम्बर को ही पुलिस उन्हें थाने उठा लाई। इस पर पुलिस ने आयोग में कहा कि वह फरार अपराधी है। लेकिन आयोग ने निर्देश दिया कि प्रार्थी के आने पर ही इस सुनवाई का निस्तारण किया जाएगा। पुलिस ने श्री शुक्ल पर फर्जी मुकदमा लगा कर सलाखों के पीछे भेज दिया।ड्ढr श्री शुक्ल जमानत पर छूटे। पुलिस अब उन्हें दूसरे मुकदमे में फँसाने की तैयारी कर रही है। श्री शुक्ल को अपराधी साबित करने के लिए उनका इतिहास खँगाला जा रहा है। अब वह घर छोड़ कर दर-दर भटक रहे हैं। पुलिस जानकारी न माँगने के लिए श्री शुक्ल पर दबाव बना रही है। जिस सरकारी मकान के मामले में श्री शुक्ल को गिरफ्तार किया गया है, वह मकान श्री शुक्ल का है। आयोग में अगली सुनवाई 10 मार्च को है। लेकिन पुलिस उसे जेल में फिर न डाल दे। यह डर उन्हें सता रहा है। जबकि सीतापुर के पुलिस अधीक्षक बीके दोहरे का कहना है कि श्री शुक्ल पर कई मुकदमें चल रहे हैं। जिसमें पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

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