अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिजली संकट पर फिर घिरी सरकार

बिजली पर विशेष चर्चा के दो दिन बाद सरकार सदन में फिर घिरी। सीपी सिंह ने ध्यानाकर्षण में यह मामला उठाया था। प्रभारी मंत्री बंधु तिर्की के जवाब से बात बढ़ी और नेता प्रतिपक्ष तथा मुख्यमंत्री ने एक दूसरे पर निशाना साधा। राधाकृष्ण किशोर ने भी इस मामले में सरकार को घेरा। सरकार के जवाब में सीपी सिंह ने प्रभारी मंत्री बंधु तिर्की से पूछा: क्या रांची को अबाध रूप से बिजली मिलेगी। मंत्री ने कहा: विशेष बहस में उत्तर दिया जा चुका है। सदस्य की इच्छा हो, तो रिपीट कर देंगे। राजधानी को पिछले दिनों में आपूर्ति की गयी बिजली का ब्योरा देते हुए मंत्री ने बताया कि ऊंची दर पर भी बिजली नहीं मिल पा रही है। राजधानी में बिजली की बर्बादी पर भी चर्चा की। सीपी सिंह ने कहा कि क्या हो रहा है, क्या नहीं, बिजली भूटान से मंगायें या अफगान से, लेकिन राजधानी को जीरो कट बिजली कब मिलेगी जनता को यह बतायें। मंत्री ने कहा कि लगता है कि सदस्य राजनीति कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री मधु कोड़ा जवाब देने के लिए उठे। कोड़ा ने कहा: राज्य 200-250 मेगावाट बिजली की कमी से जूझ रहा है। यह केवल सरकार की समस्या नहीं है। सभी सदस्य जिम्मेदारी लें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा: लोड शेडिंग का स्लैब क्या है? भुगतान के बारे में भी बतायें। मुंडा ने पूरी व्यवस्था को उजागर करने की कोशिश की। जवाब में कोड़ा ने कहा कि पूर्व सरकार में ताला से बिजली लेने के निर्णय से ही तो यह दुर्गति हुई। इससे पहले किशोर ने प्रभारी मंत्री से जानना चाहा कि पावर ट्रेडिंग कारपोरेशन को कितना भुगतान कर रहे हैं। अगर ऊंची दर पर बिजली लेना चाहते हैं , तो वह देना चाहता है कि नहीं। मंत्री ने बताया: पीक आवर में नहीं दे रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बिजली संकट पर फिर घिरी सरकार