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सत्ता पक्ष ने भी किया पलटवार

बजट सत्र के छठे दिन भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। पलामू के डीएसइ सत्य नारायण लकड़ा को सस्पेंड किये जाने और जमशेदपुर के गणेश मैदान में निषेधाज्ञा के बाद भी सुनील महतो शहादत दिवस मनाने के मामले को लेकर विपक्ष ने बवाल किया। विपक्षी सदस्य वेल के सामने चले आये। धरना पर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोक हुई। जमशेदपुर के मामले में सरयू राय ने कार्य स्थगन का प्रस्ताव लाया था। इस मामले में भाजपा-झामुमो विधायक आमने-सामने हो गये। अध्यक्ष ने 11.25 बजे सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।ड्ढr इससे पहले कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष अजरुन मुंडा ने पलामू के सस्पेंड डीएसइ का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि बिना साक्ष्य के एक आदिवासी अफसर को दंडित किया गया है। गलत काम के लिए उस अफसर पर दवाब दिया जा रहा था। विपक्षी सदस्य अखबारों में छपी खबर दिखाने लगे। कोचे मुंडा ने अध्यक्ष को कुछ दस्तावेज सौंपे। इधर राजद विधायक विदेश सिंह उठे। कहा: यही स्थिति रही, तो राज्य चलने को नहीं है। यह सुनते ही विपक्ष ने पीपी शर्मा के मामले को उछाल दिया। विपक्षी सदस्य आसन के सामने चले आये। नारेबाजी शुरू हो गयी। रघुवर दास धरना पर बैठ गये। संसदीय कार्य मंत्री स्टीफन मरांडी ने कहा: अफसर, अफसर होता है। सदन में एसटी एससी की बात नहीं होनी चाहिए। भानू प्रताप शाही भी यही बोल रहे थे। राजद के सभी विधायक तथा कांग्रेस के सुखदेव भगत, मनोज यादव सौरभ नारायण भी विपक्ष पर हल्ला बोलने लगे। जमशेदपुर के मामले में भी इसी तरह का हंगामा हुआ। सरयू राय ने कहा कि साल भर से कदमा स्थित गणेश मैदान पर कब्जा का प्रयास चल रहा है। कोर्ट में प्रशासन ने शपथ पत्र दाखिल किया है कि वहां निषेधाज्ञा लागू है, लेकिन चार मार्च को सुनील महतो का शहादत दिवस मनाया गया। गोली भी चली। यह कैसा कानून है। नेता प्रतिपक्ष भी खूब बोले। मुंडा ने कहा कि सुनील महतो की हत्या से सभी आहत हैं, लेकिन यह कैसा शहादत दिवस जहां 144 लगा हो वहां गोली चल रही है। मंत्री दुलाल भुइंया समेत चंपई सोरेन, जगरनाथ महतो, रवींद्र महतो आदि विपक्ष का जोरदार विरोध कर रहे थे।

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