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91 प्राध्यापकों की बहाली को सरकार ने दी स्वीकृति

ढाई वर्षो की मेहनत के बाद आखिरकार नीतीश सरकार के कार्यकाल में पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज खुलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सरकार ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने के लिए प्राध्यापकों की बहाली की स्वीकृति दे दी है। इस वर्ष से कॉलेज को चालू करने के लिए संस्थान में कुल 244 पदों के सृजन का निर्णय किया गया है। इन नये पदों के वेतनमान पर राज्य सरकार 6.54 करोड़ खर्च करेगी।ड्ढr स्वास्थ्य मंत्री ने आईजीआईएमएस के 20 विभागों में प्राध्यापकों की नियुक्ित की स्वीकृति दी है। पदों के सृजन के लिए उत्तरदायी प्रशासी पदवर्ग समिति ने भी इन पदों के सृजन पर सहमति प्रदान कर दी है। विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्राध्यापकों के अतिरिक्त 67 पारा मेडिकल स्टॉफ, तृतीय वर्ग के 50 एवं चतुर्थ वर्ग 36 कर्मी की बहाली की जाएगी। ये सारी बहालियां संविदा के आधार पर होगी और नियमित नियुक्ित होने तक ये काम करेंगे। संविदा के मुताबिक इनको एक निश्चित मानदेय का भुगतान किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों की मानें तो शीघ्र ही कैबिनेट की स्वीकृति लेकर इन पदों पर बहाली की जाएगी।ड्ढr ड्ढr आईजीआईएमएस में एमबीबीएस की 100 सीटों पर छात्रों का नामांकन होना है। भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) के दिशा-निर्देशों के तहत कुल 20 विभागों में प्राध्यापकों की नियुक्ित की जाएगी। एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायो कैमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फौरेंसिक मेडिसिन, कम्यूनिटी मेडिसिन, जेनरल मेडिसिन, जेनरल सर्जरी, पेडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक्स, आई, ईएनटी, गायनोकोलॉजी, एनिस्थिसिया, रेडियो डायग्नॉस्टिक, रेडियोथेरेपी, डेन्टल और फिजिकल मेडिसिन एण्ड रिहैबलिटेशन विभाग में प्राध्यापकों के पद सृजित किये गये हैं। इन विभागों में प्राध्यापकों की नियुक्ित के बिना आईजीआईएमएस में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू नहीं की जा सकती है। आईजीआईएमएस में तय मानक के अनुरूप 500 मरीजों को भर्ती करने एवं इमरजेंसी की व्यवस्था पहले से ही है।ं

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