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भाजपा के लिए एक सीट पर प्रत्याशी तय करना धर्मसंकट बना

सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का कार्यकाल पूरा होने से खाली हो रही राज्यसभा की एक सीट के लिए उम्मीदवार तय करना भाजपा नेतृत्व के लिए बड़ा धर्मसंकट बन गया है। संभावित उम्मीदवार न सिर्फ भाजपा के प्रमुख नेताओं के यहां बल्कि ‘संघ’ का आशीर्वाद लेने भी पहुंच रहे हैं। लिहाजा इसके लिए नाम तय करने को लेकर संघ भी कम पसोपेश मेंड्ढr नहीं है।ड्ढr ड्ढr जानकारी के मुताबिक प्रदेश के संघ मुख्यालय ‘विजय निकेतन’ ने अब तक चर्चा में आए किसी भी संभावित उम्मीदवार के नाम पर एतराज जाहिर नहीं किया है बल्कि विचारधारा की कसौटी पर सभी को ‘पास’ कर दिया है। अब भाजपा की बारी है। गुरुवार को इस मुद्दे पर पार्टी की राज्य समिति की द्विस्तरीय बैठक होने वाली है। पहले चरण में समिति की पूर्ण बैठक होगी जिसमें सदस्यों द्वारा निर्णय लेने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा विधायक दल के नेता सुशील कुमार मोदी, क्षेत्रीय संगठन प्रभारी हृदयनाथ सिंह और प्रदेश अध्यक्ष राधामोहन सिंह को अधिकृत कर दिया जाएगा। बाद में श्री मोदी और प्रदेश अध्यक्ष समिति के निर्णय के आधार पर केन्द्रीय चुनाव समिति से नामों की अनुशंसा करेंगे।ड्ढr ड्ढr आलाकमान जिस नाम पर उंगली रख देगा, वही पार्टी का उम्मीदवार होगा। वैसे अभी तक की जो स्थिति है उसके मुताबिक शत्रुघ्न सिन्हा को तीसरी बार भी उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर ऊहापोह बरकरार है। इसका लाभ उठाकर उनकी ही जाति के एक-दो और नेता उम्मीदवारी की रेस में शामिल हो गए हैं। ये न सिर्फ दिल्ली में पार्टी के प्रमुख नेताओं के यहां लाबिंग कर रहे हैं बल्कि ‘विचारधारा’ और ’हिन्दुत्व’ के प्रचार के लिए अपने द्वारा किए गए कार्यो का हवला देकर ‘संघ’ को भी ‘खुश’ करने की कोशिश में लगे हैं। शत्रुघ्न के नाम पर पसोपेश का फायदा दूसरे संभावित उम्मीदवार पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. सीपी ठाकुर को भी मिल रहा है। बताया जाता है कि डा. ठाकुर लोकसभा क्षेत्रों के नए परिसीमन में पटना की दोनों सीटों को अनुकूल नहीं पाकर राज्यसभा के लिए टिकट के प्रयास में लगे हैं। जिन अन्य नामों पर गुरुवार को चुनाव समिति में विचार होना है, उनमें राजपूत कोटे से राजीव प्रताप रूड़ी एवं गोपाल नारायण सिंह, ब्राह्मण जाति से हरेन्द्र प्रताप और पिछड़ी जाति से डा. एसएन आर्य का है। समिति की इसी बैठक में विधानसभा कोटे वाली विधान परिषद की दो-तीन सीटों के लिए भी नामों पर विचार होना है।ड्ढr ड्ढr गिरिराज सिंह और कामेश्वर चौपाल का कार्यकाल पूरा होने के कारण रिक्त होने वाली परिषद की दो सीटों और जद यू की ‘मर्जी’ से मिलने वाली एक और सीट के लिए कई नेता रेस में हैं। इनमें पहले से चल रहे नामों के अलावा प्रदेश उपाध्ययक्ष विश्वनाथ भगत का नाम भी जुड़ गया है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्रीय सम्मेलनों के सिलसिले में बिहार आए राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल इस मुद्दे पर हृदयनाथ सिंह, आरएसएस के क्षेत्रीय प्रभारी स्वांत रंजन और श्री मोदी के साथ अलग-अलग विमर्श कर चुके हैं।ं

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