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वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा माह के अंत से संभव

बीएसएनएल ब्रॉडबैण्ड सेवा शहर में अभी सफल हुआ नहीं कि ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसारने की योजना बननी शुरू हो गई है। विभाग के सूत्रों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपकरण आने शुरू हो गये है तथा अप्रैल से इसकी सेवा शुरू हो जाने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 571 उपकरण लाए जाएंगे और पूरे उपकरण को लगाने में करीब 6 माह का समय लगेगा। लेकिन सवाल यह है कि अगर शहर में ही बीएसएनएल की स्थिति ठीक नहीं है तो सुदूर ग्रामीण इलाकों में ब्रॉड बैण्ड योजना कैसे चलेगी। हालांकि विभाग का कहना है कि ब्लॉक से सटे जितने गांव होंगे वहां ब्रॉड बैण्ड की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा इस माह के अंत से वीडियो कांफ्रेंसिंग की भी सुविधा शुरू होने की संभावना है।ड्ढr ड्ढr ब्रॉड बैण्ड सेवा में लोग अब देश एवं विदेशों में फेस टृू फेस भी बात कर सकेंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को कुछ अतिरिक्त चार्ज भी देना पड़ेगा। बीएसएनएल के सूत्रों के अनुसार अगर ब्रॉड बैण्ड में उपभोक्ताओं को जो सुविधा मिलेगी वह काफी सस्ती होगी। अभी वीडियो कांफ्रेंसिंग सिस्टम चालू करने में करीब 40 हजार रुपए खर्च होता है लेकिन ब्रॉड बैण्ड में यह दर काफी कम होगी। जिस एक्सचेंज में 200 से अधिक बीएसएनएल के उपभोक्ता होंगे वहां ब्रॉड बैण्ड की सुविधा दी जाएगी। बिहार में अभी 1200 एक्सचेंज है जिनमें अभी 300 एक्सचेंज में ब्रॉड बैण्ड की योजना है। राज्य के 40 जिला मुख्यालय में ब्रॉडबैण्ड सेवा उपलब्ध है। बांका, जमुई, गोपालगंज, अररिया जिले में ब्रॉडबैण्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हाल में जहानाबाद, अरवल, नवादा,शेरघाटी, किशनगंज में ब्रॉड बैण्ड सेवा शुरू की गई है। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त कहलागांव, सबौर, राजगीर, रक्सौल, जमालपुर, डालमियानगर में भी ब्रॉडबैण्ड की सुविधा है। पूरे राज्य में 20 हजार ब्रॉडबैण्ड सेवा के उपभोक्ता हैं जिनमें 12 हजार उपभोक्ता सिर्फ पटना में है।

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  • Web Title: वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा माह के अंत से संभव