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बैंक-एटीएम जाना यानी खतरों से खेलना ..

राजधानी में बैंक या एटीएम जाना लोगों के लिए खतरों से खेलने के समान हो गया है। बेखौफ लुटेरों ने पुलिस की सुरक्षा किलेबंदी की पोल खोल दी है। आम आदमी हो या सैनिक। दिन हो या रात। सुबह हो या शाम। लुटेरों का तांडव हर जगह जारी रहता है। विशेषकर बैंक से नकद निकाल कर लौटने वाले लोग अपराधियों के ‘सॉफ्ट टारगेट’ पर है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते एक महीने के दौरान एक दर्जन से अधिक घटनाओं को अंजाम देते हुए लुटेरों ने 12 लाख से अधिक की संपत्ति लूट ली। इनमें तीन मोटरसाइकिलव कुछ अन्य सामान को छोड़ दें तो 10 लाख से अधिक नकद शामिल हैं। पिछले तीन दिनों में ही लुटेरों ने चार जगहों पर लूटपाट की है। इन घटनाओं में गौर करने वाली बात यह है कि लुटेरे लोगों पर अटैक करने के बाद बजाए सीधे उसी चीज (बैग, झोला आदि) पर धावा बोलते हैं जिसमें नकद रखे हों। मानों इसका पता उन्हें पहले ही चल जाता है।ड्ढr ड्ढr एक दर्जन मामलों में आठ घटनाएं ऐसी हैं जिनमें बैंक से नकद लेकर घर की ओर लौट रहे लोगों को अपराधियों ने निशाना बनाया। 6 फरवरी को सचिवालय थानांतर्गत मैंगल्स रोड में 75 हजार, 7 फरवरी को बोरिंग रोड में 20 हजार, रवरी को कोतवाली से सटे मौर्या लोक कॉम्प्लेक्स के पास 2 लाख तो कुछ देर बाद बुद्धा कॉलोनी थानांतर्गत नागेश्वर कॉलोनी में लुटेरों ने 48 हजार रुपए लूटे। राजधानी में ‘वीवीआईपी मूवमेंट’ होने के कारण थोड़ी खामोशी के बाद अपराधियों ने 23 फरवरी को बोरिंग रोड में 30 हजार, 27 फरवरी को श्रीकृष्णपुरी थानांतर्गत राजेश पथ में 1 लाख, 3 मार्च को गांधी मैदान थाना क्षेत्र से 45 हजार व हवाई अड्डा थानांतर्गत वेटनरी कॉलेज के समीप 25 हजार और 4 मार्च को बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से 1 लाख नकद लूट लिये। कभी पिस्तौल के बल पर तो कभी चील की तरह झपट्टा मार कर अपराधियों ने लोगों को लूटा। स्थितियों को देखते हुए कहा जा रहा है कि बैंक के आसपास से ही लुटेरे लोगों का पीछा करते हैं और फिर मौका देखते ही लूटपाट को अंजाम देते हैं। संभव है लुटेरों के गिरोह का सदस्य बैंक के अंदर जाता हो जिससे रकम निकालने वालों का पता चल जाता है। हैरत की बात यह है कि शहर में पटना पुलिस की तगड़ी गश्ती व्यवस्था होने के बावजूद घटना के समय या बाद में लुटेरों और पुलिस दस्ते में आमना-सामना नहीं हो पाता। ड्ढr ड्ढr बढ़ा लूट का धंधा पुलिस ने कसा फंदाड्ढr पटना (का.सं.)। राजधानी में लुटेरों के बढ़ते दुस्साहस को देख सकते में आई पटना पुलिस भी अब चुनौती का मुंहतोड़ जबाव देने के मूड में है। सड़कों पर फंदा कसते हुए गली-मुहल्लों की शाखा और लिंक रास्तों में पुलिस की गश्त बढ़ गई है। जिप्सी खड़ा करके पुलिसकर्मी हरकत करते नजर आते हैं। कभी जाम को समाप्त करने की पहल तो कभी बिना हेलमेट दुपहिया दौड़ाने वालों की चेकिंग। इसके बीच गंभीरता के साथ उन असामाजिक तत्वों की खोज की जा रही है जो शहर में सरेआम लूटपाट करते हुए तांडव मचा रहे हैं। बुधवार को भी कमोबेश शहर के सभी इलाकों में दिन से लेकर रात तक पुलिस की सक्रियता दिखी। सतर्क पुलिसकर्मी वाहन सवारों को रोक कर पूछताछ और आवश्यकता पड़ने पर गहराई से तलाशी भी ले रहे थे। हालांकि कहीं भी कोई अपराधी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। इधर विभिन्न थाना क्षेत्रों में वाहन चेकिंग के दौरान अवैध परिचालन करते पकड़े गये वाहन मालिक से बतौर जुर्माना हजारों रुपए वसूले गये। कदमकुआं थाने की पुलिस द्वारा राजेन्द्रनगर गोगलबर के समीप अभियान चलाया गया। अपर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट व दस्तावेज के अलावा अन्य आरोपों में पकड़े गये वाहन सवारों से जुर्माना के रूप में 12 सौ से अधिक नकद वसूले गये। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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