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केमिस्ट एक, जिम्मेदारी साढ़े ग्यारह हजार मूर्तियों की

पटना संग्रहालय में बहुमूल्य मूर्तियों का संरक्षण कार्य सुचारू पूर्वक नहीं हो पा रहा है। एक केमिस्ट के सहारे साढ़े ग्यारह हजार मूर्तियों का संरक्षण हो रहा है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि संग्रहालय में मूर्तियों का संरक्षण कार्य किस हद तक हो पाता होगा। संग्रहालय में मूर्तियों के संरक्षण के कार्य को अंजाम देने के लिए एक केमिस्ट व दो रसायन सहायक के पद हैं। इनमें रसायन सहायक के दोनों पद खाली पड़े हैं।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के अनुसार संग्रहालय के पुरातत्व शाखा के अंतर्गत हजारों पुरावशेषों को संरक्षित करने के लिए उनपर रसायन आदि का लेपन किया जाता है। लेकिन रसायन सहायक के दोनों पद खाली रहने से एक ही केमिस्ट पर पूरी जिम्मेदारी आ गयी है। नतीजतन अधिसंख्य मूर्तियों पर रसायन का लेपन होना मुश्किल हो जाता है।ड्ढr ड्ढr सूत्रों के अनुसार फिलहाल प्रशासी पदाधिकारी का पद भी खाली पड़ा है। इस वजह से प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है। एक ओर संग्रहालय के मुखिया (अपर निदेशक) का पद भी इनदिनों खाली पड़ा है। दूसरी ओर संग्रहालय में कई पदाधिकारी व कर्मचारी ऐसे हैं जो वर्षो से काम कर रहे हैं पर पद रहते हुए उन्हें प्रोन्नति नहीं मिल रही है। एक अधिकारी पिछले 24 वर्ष से कार्यरत हैं पर उन्हें अबतक प्रोन्नति नहीं मिली है। अधिकारी बताते हैं कि देश ही नहीं बल्कि वदेशों में ही पटना संग्रहालय की एक अलग पहचान है। खासकर बुद्ध से जुड़ी ऐसी-ऐसी मूर्तियां यहां हैं कि विदेशों में भी बुद्ध से जुड़ी प्रदर्शनी इसके बगैर अधूरी रह जाती है। प्रस्तर शिल्प कला, धातु शिल्प कला, पाल कला, मौर्यकालीन कई ऐसी दुर्लभ मूर्तियां यहां हैं जो दुनिया के किसी म्यूजियम में नहीं है।ं

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