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अपने ही फैसले पलट रहीं मायावती

इसे मुलायम सिंह का बढ़ता दबाव कहें या फिर मायावती की मुलायम को मुद्दाविहीन करने की रणनीति, लेकिन यह बात अपनी जगह स्थापित है कि एक-एक कर मायावती उन तमाम फैसलों को पलट रही हैं, जो उन्होंने 13 मई को चौथी बार सूबे की सत्ता संभालने के बाद तड़ातड़ किए थे। मायावती की उस राजनीतिक शैली की ताजा बानगी है विश्वविद्यालयों और डिग्री कालेजों में छात्रसंघ चुनावों पर लगायी गयी पाबंदी को वापस लेना। मायावती सरकार के लगभग दस महीने के कार्यकाल में यह कोई ऐसा पहला मामला नहीं है, जहां मायावती ने अपने पैर खींचे हैं। ऐसे मामलों की एक कतार है। बात चाहे मुलायम सरकार के अति चर्चित पुलिस भर्ती घोटाले की हो या फिर खासे जोशो खरोश से घोषित की गयी कृषि नीति की। खाद्यान्न घोटाला हो अथवा भाजपा की विवादित सीडी का प्रकरण। शुरुआत तो प्रदेश सरकार ने तेजी से की, लेकिन फिर उसने जसे विवादित मामलों से पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. रमापति राम त्रिपाठी को मायावती सरकार के ऐसे फैसलों से कोई हैरानी नहीं हुई है। उनका कहना है कि जब मायावती सार्वजनिक रूप से और बड़े गर्व के साथ यह कहती हैं कि वह तो पलटी मारती हैं। दरअसल, मायावती कंफ्यूज्ड हैं और उनकी नीति और नीयत दोनों में खोट है और यही वजह है कि उन्हें बार-बार फैसले बदलने पड़ते हैं। उधर, समाजवादी पार्टी मायावती सरकार के ताजा फैसले को सपा की नीतियों और पार्टी द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन की जीत मानती है। सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि छात्र संघ चुनाव की बहाली के फैसले के लिए पार्टी मायावती सरकार का नहीं बल्कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का स्वागत करेगी। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब इस अलोकतांत्रिक सरकार का पतन हो जाएगा। उधर बसपा में कोई मायावती के फैसले पर अधिकृत रूप से कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सरकार के एक मंत्री ने मानो स्वयं को तसल्ली देते हुए कहा कि चूंकि मुलायम सिंह यादव छात्र संघ चुनाव पर पाबंदी को लेकर छात्रों के बीच भड़काऊ कुप्रचार कर रहे थे, लेकिन चुनाव बहाली कर बहिन जी ने उनके मुद्दे की हवा निकाल दी है। जाहिर है कि पक्ष और विपक्ष के अपने-अपने तर्क हैं और कहने की आवश्यकता नहीं कि इसकी बुनियाद राजनीतिक नफे-नुकसान के आकलन पर ही टिकी है, लेकिन इससे तो इंकार नहीं किया जा सकता कि मायावती के चौथे मुख्यमंत्रित्वकाल में फैसले पलटने का सिलसिला पहले की कार्यशैली से भिन्न अवश्य है।

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