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उत्पादन और निवेश बढ़ाने वाला बजट : चिदंबरम

वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि बजट 2008-0में उत्पादन और निवेश में बढ़ोतरी के साथ खपत बढ़ोतरी के लिए जरूरी कदम उठाये गये हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक मंदी के प्रभाव से अछूती बनी रहे इसका ध्यान भी बजट में रखा गया है। गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निदेशकमंडल के साथ बजट उपरांत की पारंपरिक बैठक में वित्त मंत्री ने यह बातें कही। इसके साथ ही बजट में किसानों की कर्ज माफी के पैकेज को भी इस बैठक उन्होंने जायज ठहराया। इस मुद्दे पर आरबीआई गर्वनर वाई.वी. रेड्डी ने कहा कि बैंक कर्ज माफी पैकेज को समयसीमा के भीतर लागू करें इसे सुनिश्चित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का मुख्य मक सद मूल्य स्थिरता के साथ ऊंची विकास दर बनाये रखना है। इसके लिए खपत बढ़ाने पर जोर देते हुए निवेश में बढ़ोतरी और उत्पाद शुल्क व आय कर में कटौती का रास्ता अपनाया गया है। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च में बढ़ोतरी की गई है। मांग में बढ़ोतरी और निवेश पर प्रोत्साहन जैसे कदमों के चलते हम वैश्विक मंदी की स्थिति में भी घेरलू अर्थव्वस्था की तेज विकास दर बनाये रखने में कामयाब हो सकेंगे। उन्होंने कृषि ऋणों की माफी को तर्कसंगत बताते हुए कहा कि इसके जरिये छोटे और सीमांत किसानों के हितों की रक्षा हो सकेगी। कर्ज माफी के लिए बैंकों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ की भरपाई की जाएगी। किसानों को ऋण आवंटन में बढ़ोतरी के लिए इस तरह के कदम की जरूरत थी। रिजर्व बैंक के पदाधिकारियों ने बजट के विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी और इसे विकास में बढ़ोतरी वाला बजट बताया। साथ ही कहा कि इसमें रोजगार और उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए कदम उठाये गये हैं। खाद्य सुरक्षा के साथ कृषि क्षेत्र की विकस दर को बढ़ाने में भी इससे मदद मिलेगी। रिजर्व बैंक गर्वनर ने कहा कि किसानों की कर्ज माफी की योजना लागू करने के लिए आरबीआई सरकार और बैंकों के बीच तालमेल बैठाने के साथ पैकेज को समयसीमा के भीतर लागू करने को सुनिश्चित करेगा।

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  • Web Title: उत्पादन और निवेश बढ़ाने वाला बजट : चिदंबरम