अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मंत्री भाटी और उनके बेटे को फिर क्लीनचिट

होमगार्ड मंत्री वेदराम भाटी ने तो बस ठेकेदारी के विवाद में दो पक्षों की समझौता कराने की कोशिश की थी, बाकी उनकी या उनके पुत्र रवीन्द्र की इस मामले में कोई गलती नहीं थी। गौतमबुद्धनगर में हुए तिहरे हत्याकांड में वांछित आखिरी आरोपित नरेश की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यूपी पुलिस ने श्री भाटी और उनके पुत्र को क्लीनचिट दी है। पुलिस के मुताबिक हत्यारों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और इस स्वीकरोक्ित में कहीं भी मंत्री या मंत्रीपुत्र का दोष सामने नहीं आया है।ड्ढr नरेश इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके मनोज का बहनोई है और गुड़गाँव के सोहना इलाके का रहने वाला है। एडीजी कानून व्यवस्था बृजलाल के मुताबिक नरेश ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है। उनके मुताबिक यूसुफ, पप्पू और सुरेश की हत्या का षड्यंत्र नागर ट्रांसपोर्ट से जुड़े नेत्रपाल, भूपेन्द्र उर्फ भूपी और ब्रहम सिंह ने रचा था तथा हत्या खुद उसने और मनोज आदि ने की थी। ट्रांसपोर्ट से जुड़े तीनों शख्सों ने मामले की सुपारी देने के बाद खुद को जेल में सुरक्षित करने का कुचक्र रचा ताकि उन पर इल्जाम न लगे। इसके लिए उन्होंने दादरी एक्सप्रेस में बिना टिकट पकड़वाने की कोशिश की पर टीटी ने उन्हें नहीं जाँचा। इसके बाद ग्रेटर नोयडा इलाके में हेड कांस्टेबिल छदम्मीलाल से शराब पीकर मारपीट की। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई और वे जेल चले गए। उनके जेल जाने के बाद छह फरवरी को तिहरा हत्याकांड हो गया। इस मामले में पहले हेडकांस्टेबिल को निलंबित किया गया पर बाद में वह निदर्ोष मिला।ड्ढr पुलिस के मुताबिक मंत्री वेदराम भाटी ने ठेके के विवाद में उलझी दोनों कंपनियों के बीच समझौता कराने की कोशिश की थी। उनकी मौजूदगी में एक बार बातचीत भी हुई। उनका या उनके पुत्र का इस मामले में इससे ज्यादा कोई रोल नहीं था। हालाँकि इस मामले में मंत्री पुत्र रवीन्द्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मंत्री भाटी और उनके बेटे को फिर क्लीनचिट