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सस्ता होगा २० लाख तक का होम लोन

होम लोन और किसानों की ऋण माफी के मसले पर केन्द्र सरकार खासा चिंतित है। वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने गुरुवार को संकेत दिया कि 20 लाख रुपए से कम के आवास ऋण पर ब्याज दरें कम की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता भी ऐसा ही कुछ चाहती है। यह कहकर उन्होंने गेंद आरबीआई और बैंकों के पाले में डाल दी है। वित्त मंत्री का कहना है कि अगर बैंक चाहेंगे तभी ऐसा संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि 80 फीसदी आवास ऋण 20 लाख रुपए से कम श्रेणी में ही आते हैं और इनके लिए जोखिम की दर भी मामूली रह गई है। औद्योगिक निकाय एसोचैम प्रबंधन समिति के साथ बैठक में चिदम्बरम ने ये बातें कहीं। वित्त मंत्री ने कहा कि अब सरकार इस बारे में भी अपने प्रयास तेज करेगी कि किसानों की ऋणमाफी का मसला कैसे हल किया जाए, जिससे बैंक की क्षमता पर असर न पड़े। उन्होंने कहा कि इसके लिए आरबीआई के साथ मिलकर ऋण माफी और ऋण राहत योजना पर काम किया जाएगा तथा सरकार पैकेज के रूप में ऋण माफी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। एसोचैम प्रबंधन समिति के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि यदि उद्योग जगत कर रियायतों को लेना छोड़ देता है तो सरकार कृषि क्षेत्र को और यादा मदद दे सकती है। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता मुद्रास्फीति पर काबू पाना है। सरकार महँगाई बढ़ने की दर को चार फीसदी के आसपास रखना चाहती है।ड्ढr उधर, रिजर्व बैंक निदेशक मंडल के साथ हुई बैठक में आरबीआई गवर्नर वाईवी रेड्डी ने बोर्ड सदस्यों को बताया कि केन्द्रीय बैंक सरकार की ऋण माफी योजना को पूरी मदद देगा और इस योजना पर तय समय में ही अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बैंक जहाँ किसानों की हालत सुधारने में मदद देगा वहीं बैंकिंग तंत्र की सेहत को भी मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि क्षेत्र में सुधार की जरूरत है और इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे। इससे पहले चिदम्बरम ने कहा कि कृषि क्षेत्र को उसके आकार और उस पर निर्भर जनता के अनुरूप सरकार की तरफ से सहायता मिलनी चाहिए, लेकिन विडंबना है कि कोई भी क्षेत्र अपना हिस्सा छोड़ने को तैयार नहीं है। इसीलिए सभी कुछ सीमाआें के भीतर रह कर करना पड़ता है। चिरुडीह नरसंहार कांड में शिबू सोरेन बरीड्ढr जामताड़़ा। झारखंड में जामताड़ा की एक अदालत ने पूर्व केन्द्रीय कोयला मंत्री और झारखंड मुक्ित मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष शिबू सोरेन को जिले के चिरुडीह नरसंहार मामले में गुरुवार को बरी कर दिया। जामताड़ा के प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार की अदालत ने चिरुडीह नरसंहार मामले के 21 आरोपितों में से श्री सोरेन समेत 14 को बरी कर दिया जबकि सात अन्य को दोषी करार दिया गया। इन सातों को सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी। इनके नाम इस प्रकार हैं -जयदेव टुडू, नथेनियर हेम्ब्रम, झगड़ू पंडित, मोहम्मद खलील, सत्य नारायण प्रसाद, जय कुमार सेन तथा सिकंदर मियां ।ड्ढr बेहाल है एक और पूर्व विधायक का परिवारड्ढr गोरखपुर । बाँसगाँव के पूर्व सांसद मोलहू प्रसाद की तरह ही पूर्व विधायक स्वर्गीय रामपति का परिवार भी गरीबी की मार झेलने को मजबूर है। रामपति मोलहू प्रसाद के गाँव के ही रहने वाले थे। उन्होंने कभी भी राजनीति का बेजा इस्तेमाल नहीं किया। शायद इसीलिए उनका परिवार कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। 1में झंगहा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए पर संयोगवश उनका कार्यकाल मात्र ढाई वर्ष का रहा।ड्ढr पूरी खबर पृष्ठ 14 पर

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