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लटका है चेकपोस्टों का निर्माण, सरेंडर होंगे पांच करोड़

राज्य के सीमावर्ती जिलों मंे चेकपोस्टों का निर्माण लटकता जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में इस मद की पूरी राशि लैप्स कर गयी थी। इस वर्ष भी पांच करोड़ रुपये लैप्स होने के आसार हैं। चेकपोस्ट नहीं बनने से सरकार को राजस्व की भारी क्षति भी हो रही है। एनडीए के शासन में निविदा निष्पादित हुई थी। तीन जगहों पर काम भी चल रहा है। चयनित कंपनी केएस साफ्टनेट ने झारख्ांड के साथ अन्य राज्यों में भी चेकपोस्ट के निर्माण का काम शुरू किया था। वहां पर चेक पोस्ट निर्माण का कार्य अंतिम चरण पर है। जबकि यहां छह स्थानों पर राज्य सरकार चेक पोस्ट निर्माण के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं करा पायी है। सूत्रों ने बताया है कि परिवहन विभाग द्वारा कंपनी से कहा जा रहा है कि जमीन उपलब्ध कराना सरकार का काम नहीं है, यह एजेंसी अपने स्तर से करे, जबकि निविदा की शतरे में स्पष्ट उल्लेख रहता है कि सरकार जमीन और मुआवजा उपलब्ध करायेगी। परिवहन मंत्री एनोस एक्का भी अन्य विभागों द्वारा सहयोग नहीं किये जाने से नाराज हैं। मुख्यमंत्री से भी हस्तक्षेप का आग्रह कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से कार्य का दर पुननिर्धारण के लिए कमेटी बनाने का आदेश हुआ था, जो एक महीने बाद अधिसूचित हुई।ं

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