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लाल कार्ड चाहिए तो मरना पड़ेगा !

बुंदेलखंड में लाल कार्ड चाहिए तो मरना पड़ेगा। लेकिन यह बात सिर्फ गरीबों पर लागू होती है क्योंकि अमीर तो शुरू से ही लाल काडरे को हथियाए हुए हैं। जिला प्रशासन भी मानता है कि ढेर सारे अपात्रों को बीपीएल और अंत्योदय कार्ड बना दिए गए हैं, कैसे ठीक किया जाए, इसके लिए कोई सटीक रास्ता नहीं सूझ रहा। बाँदा जिले के एक गाँव का दृश्य : आठ दिन से भूखे एक दलित किसान की मौत हो गई। खबर पाकर एसडीएम, तहसीलदार आदि अधिकारी किसान के घर पहुँचे। पति की लाश से लिपटकर विलाप कर रही उसकी पत्नी से बोले ‘तेरा पति मर गया, चुप हो जा। हम तुम्हारा लाल कार्ड बना देंगे’। पर किसी से यह न कहना कि भूख से मरा है। बताना बीमारी से मरा है। अगर भूख से मरना बताया तो लाल कार्ड नहीं बनेगा। और वह सचमुच चुप हो गई। रोना-धोना बंद कर दिया। पति के दाह संस्कार की चिंता छोड़ वह लाल कार्ड के लिए अधिकारियों से चिरौरी करने लगी।ड्ढr गरीबों, मजलूमों के घर जब तक कोई अर्थी नहीं उठती तब तक लाल कार्ड नहीं मिलता। बाँदा शहर के रिक्शा चालक गोविंद का परिवार भूखों मर रहा था। उसने अपने दो बच्चे बेच डाले थे। देश-प्रदेश में हल्ला मच गया। जिला प्रशासन ने ऐसा दबाव बनाया कि खींचातानी मच गई।ड्ढr इसी खींचतान में गोविंद का मासूम बेटा चंदन दम तोड़ गया। प्रशासनिक अधिकारी दौड़े। लाल कार्ड देकर उसकी जुबान बंद कर दी। बुंदेलखंड में ऐसे दो-चार नहीं, दर्जनों उदाहरण हैं। जिला पूर्ति विभाग का कहना है कि पूरे जिले में 48348 लालकार्ड (अंत्योदय) और 78361 सफेद कार्ड (बीपीएल) कुल 1 लाख 26 हजार 70ार्ड बनाए गए हैं। इनमें 1 लाख 14 हजार कार्ड ग्रामीण क्षेत्र के लिए और 12 हजार 70ार्ड शहरी क्षेत्र के लिए बनाए गए हैं। पूरे बाँदा जिले के लिए शासन से इतना ही कोटा निर्धारित है। किसी की मौत पर बनाए जाने वाले लाल कार्ड कहाँ से आते हैं, इसकी जानकारी पूर्ति विभाग को नहीं है। जिले के मुख्य विकास अधिकारी समीउल्लाह अंसारी का कहना था कि यह सही है कि ढेरों अपात्रों को अंत्योदय और बीपीएल कार्ड बना दिए गए हैं। इन्हीं अपात्रों में से किसी का कार्ड निरस्त करके विभिन्न कारणों से मरने वाले गरीबों का लाल कार्ड बना दिया जाता है। महिला से दुराचार का प्रयास मुकदमा दर्ज, एक गिरफ्तार अम्बेडकरनगर (हि.सं.)। जिले के भीटी थानान्तर्गत उदयपुर ग्राम में एक मजदूर ने सोती महिला से दुराचार का प्रयास किया। हल्ला-गोहार लगने पर मीलों भागे मजदूर को पकड़कर लाए युवकों ने जम कर पीटा तथा सिर मुड़ा कर कालिख पोत पूरे गाँव में घुमाया। मजदूर को सुबह लिखा-पढ़ी के बाद उसके भाई की सुपुर्दगी में तथा उसके साथी को पुलिस ने भागते समय कस्टडी में ले लिया। भीटी एसआे एमएस मन्जर ने बताया की महिला की तहरीर पर अश्लील हरकत करने का मुकदमा दर्ज कर मजदूर रामधारी की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।ड्ढr बीते एक सप्ताह से उदयपुर में कैम्प कर मजदूर दो हैण्डपम्प लगा रहे थे। हैण्डपम्प लगा रहे नाटे, मनोज तथा अमीरू के पास गाँव मजीरा भियाँव थाना जलालपुर का रामधारी दो दिन पूर्व आया था। वह भी खा-पीकर एक व्यक्ित के दालान में अन्य मजदूरों के साथ सोया था। मध्य रात्रि में वह उठ कर दलान के पश्चिमी हिस्से में अपनी नतिनी के साथ सोई 50 वर्षीय अधेड़ महिला के पास जाकर सो गया। उसकी हरकत पर महिला ने मजदूर की गोहार मचा दिया। गोहार लगते ही रामधारी भाग खड़ा हुआ। डॉ. सीबी मद्धेशिया के घर आई दो फाल्स कॉलड्ढr गोरखपुर (सं.)। बीते शनिवार से अपहृत डॉ. सीबी मद्धेशिया के घर गुरुवार की सुबह दो टेलीफोन कॉल्स आई। काल करने वाले ने चिकित्सक की पत्नी से कोई बात नहीं की बल्कि इस बात की तस्दीक करने के बाद कि यह डॉ. मद्धेशिया का घर है। जवाब हाँ में मिलने पर, टेलीफोन करने वाले ने फोन काट दिया। इस कॉल के बाद परिवारीजनों में बेचैनी फैल गई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी मगर अभी तक कॉल करने वाले का पता नहीं चल सका है।ड्ढr शनिवार से लेकर आज तक पुलिस और चिकित्सक के परिवारीजन किसी भी तरह की माँग से इनकार करते रहे हैं, अलबत्ता चर्चा है कि फिरौती की माँग की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार की सुबह डॉ. मद्धेशिया के घर टेलीफोन पर दो कॉल आईं। फोन उठाने पर पूछा गया कि यह डॉ. मद्धेशिया के घर का नम्बर है। जवाब हाँ में मिलने पर दोनों बार फोन काट दिया गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी मगर यही उधेड़बुन रही कि फोन करने वाले का मकसद क्या था। उधर बिहार गई टीम को गुरुवार को भी कामयाबी नहीं मिली थी।ड्ढr प्रेम प्रसंग में इंजीनियर ने आत्महत्या कीड्ढr नोएडा। गौतमबुद्धनगर में नोएडा के सेक्टर 12 में रहने वाले एक साफ्टवेयर इंजीनियर ने प्रेम प्रसंग के चलते दोपहर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। सहायक पुलिस अधीक्षक जे. रवीन्द्र गौड ने बताया कि सेक्टर 58 स्थित एचसीएल कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत आशीष धर ने केबिल के तार का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।पुलिस के मुताबिक आशीष ने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की है।ड्ढr मालगाड़ी पटरी से उतरीड्ढr इलाहाबाद। बुधवार की रात को करीब 2.30 बजे अलीगढ़-खुर्जा के बीच शोभना स्टेशन पर दादरी से झारखण्ड जाने वाली प्रीमियम 208 मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतर कर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे उस रूट पर कई घण्टों तक आवागमन बाधित रहा। इससे दर्जनों प्रमुख गाड़ियाँ अपने निर्धारित समय से 10 घण्टे तक विलम्ब से चली जबकि कई गाड़ियों के रूट बदले गए। गुरुवार की सुबह नौ बजे के बाद पुन: गाड़ियों का आवागमन शुरू हो गया।ड्ढr शायर का निधनड्ढr इलाहाबाद। मशहूर शायर नस्र् कुरैशी की गुरुवार की दोपहर निधन हो गया। उनके निधन की खबर सुनते ही अदबी हल्कों में गम का माहौल छा गया। शायर, अदीब, अदबनवाज हजरात पुरसा देने के लिए मरहूम के आवास पर पहुँचने लगे। मरहूम के जनाजे को शुक्रवार को नमाजे जुमा के बाद बैरहना स्थित अकेलवाआम कब्रिस्तान में दफन किया जायेगा। लगभग 71 वर्षीय स्व. कुरैशी कुछ महीनों से बीमार थे।ड्ढr उत्पीड़न से आजिज दरोगा का इस्तीफाड्ढr वाराणसी (सं)। एसटीएफ के पूर्व डिप्टी एसपी शैलेन्द्र सिंह की तरह बाहुबली विधायक के इशारे पर हो रहे उत्पीड़न से आजिज आकर मिर्जापुर के एसआई दिवाकर सिंह ने भी गुरुवार को पुलिस से इस्तीफा दे दिया। आईजी जोन वाराणसी को दिए इस्तीफे में कारण तत्कालीन एसपी के अवैधानिक निलंबन आदेश बताया गया है। फर्जी मुकदमे के आधार पर कायम इस आदेश के बाद दिवाकर हार्ट अटैक झेल चुके हैं। बाद में एसपी सोनभद्र की जाँच में मुकदमा झूठा मिलने पर दिवाकर को क्लीन चिट दे दी गई। आईजी के आदेश के बावजूद बहाली न होने पर दिवाकर ने यह कदम उठाया। आईपीएस अधिकारी ने अधिकार सीमा से परे जाकर निलंबन के आदेश जारी किए थे जिससे बहाली गले की फाँस बन गयी है। गोपीगंज (भदोही) के सारीपुर गाँव निवासी निरहू हरिजन ने पूर्व ब्लाक प्रमुख बसपा नेता दिनेश सिंह के खिलाफ एक बाहुबली सपा विधायक की पैरवी पर आधा दर्जन एससीएसटी एक्ट के मामले दर्ज कराए थे। तत्कालीन एडीजी (कानून-व्यवस्था) पदमन सिंह के आदेश पर आईजी जोन वाराणसी केएल मीणा ने दिवाकर सिंह को सौंपी। मेडिकल से लेकर वादी के बयान तक परस्पर विरोधी मिलने पर जाँच रिपोर्ट में इसे फर्जी करार दिया गया।ड्ढr काँवरियों से भरा लोडर पलटा, दो मरेड्ढr नवाबगंज, उन्नाव (हिसं)। लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर अजगैन थाना क्षेत्र के अन्तर्गत लोधेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे काँवरियों से भरा लोडर ट्रक से टकरा कर पलट गया, जिससे एक काँवरिए की लोडर के नीचे दबने से मौत हो गई। एक दर्जन घायलों को पुलिस ने उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इनमें धर्मेन्द्र की हालत गम्भीर होने पर कानपुर रिफर किया गया जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बीती रात डेढ़ बजे लोधेश्वर धाम से दर्शन कर लोडर से एक दर्जन कांवरिए कानपुर जा रहे थे। अजगैन थाना क्षेत्र में पेट्रोल पम्प के पास लोडर आगे जा रहे ट्रक के पीछे जा भिड़ा और पलट गया। लोडर के नीचे दबने से कानपुर निवासी धर्मेन्द्र (24) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।ड्ढr डीसीएम ने एक दर्जन से अधिक को कुचला, पाँच की मौतड्ढr हरदोई (हि.स.)। शाहजहाँपुर की तरफ से आ रही डीसीएम ने हरदोई मुख्यालय से 14 किमी दूर अटवा गाँव के पास भंडारा खा कर लौट रहे करीब एक दर्जन लोगों पर डीसीएम चढ़ गई। इसमें पाँच लोगों की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को लखनऊ के ट्रामा सेंटर रिफर किया गया है। घायलों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं।ं

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