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बोकारो में पुलिसिया कहर, धनबाद में बवाल

ुरुवार को बोकारो और धनबाद शहर में दिन भर बवाल होता रहा। बोकारो में स्टील प्लांट की चहारदीवारी के निर्माण को लेकर विस्थापित भड़क उठे, जबकि धनबाद में जदयू नेता की हत्या के खिलाफ बंद के दौरान गुस्सा फूटा। बोकारो में पुलिस ने विस्थापितों पर जमकर लाठी चलायी और आंसू गैस के गोले दागे। वहीं, धनबाद में बंद समर्थक उत्पात करते रहे, पर पुलिस मूकदर्शक बनी रही। बंद समर्थकों ने जमकर तोड़-फोड़ की और राहगीरों की पीटा। बोकारो में उग्र विस्थापितों पर लाठियां-आंसू गैस, विरोध में आगजनी बोकारो इस्पात संयंत्र की चहारदीवारी निर्माण को लेकर जारी विवाद गुरुवार को टकराव में बदल गया। पुलिस और विस्थापित ग्रामीणों के बीच रुक-रुककर दिन से शुरू हुआ संघर्ष देर रात तक चलता रहा। पुलिस ने उग्र ग्रामीणों पर पानी का फव्वारा चलाया, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।ड्ढr वहीं, विस्थापितों ने पथराव किया और दो जीपों में आग लगा दी। इस संघर्ष में सीआइएसएफ का एक जवान रंजीत सिंह और पांच ग्रामीण जख्मी हो गये। विस्थापितों ने पुलिस पर बोदरोटांड़ में एक होटल तथा आधा दर्जन से अधिक वाहनों को क्षतिग्रस्त करने का आरोप भी लगाया। पुलिस ने विस्थापितों के नेता साधु शरण गोप को गिरफ्तार कर उनका रिवाल्वर जब्त कर लिया है। विस्थापितों ने शुक्रवार को बोकारो बंद का आह्वान किया है।ड्ढr नियोजन और मुआवजा के सवाल पर पिछले दो दिनों से चहारदीवारी निर्माण को लेकर बीएसएल और ग्रामीणों के बीच विवाद चल रहा था। गुरुवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे आवासीय दंडाधिकारी मनोज जयसवाल निर्माण स्थल पर पहुंचे। कुछ देर बाद चास एसडीआे केएन झा भी पहुंचे। एक घंटे तक विस्थापितों को मनाने का प्रयास किया गया। अंतत: एसडीआे ने विस्थापितों के आंदोलन को अवैध बताते हुए काम प्रारंभ करने का निर्देश दिया। इसके बाद विस्थापित भड़क उठे। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दोपहर करीब सवा एक बजे पुलिस ने पहले पानी के फव्वारे का सहारा लिया। फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे विस्थापित तितर-बितर तो हो गये, पर उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। इसी बीच बोकारो लौट रहे बीएसएल के अधिकारी एसके सिंह, आेमप्रकाश और कर्मचारियों को विस्थापितों ने तुपकाडीह में जीप से उतार लिया। उनके साथ मारपीट की और बंधक लिया। साथ ही उनकी जीप (बीआर 20 सी 4187) को उलट कर आग के हवाले कर दिया। जरीडीह पुलिस ने बंधकों को मुक्त कराया। लगभग सवा तीन बजे घटनास्थल पर पहुंचे विस्थापितों के नेता साधुशरण गोप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रात साढ़े आठ बजे हरला थानान्तर्गत बीएसएल गेट नंबर तीन पर विस्थापितों ने खाना लेकर जा रहे सीआइएसएफ के ट्रेकर को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद चास एसडीआे ने कहा कि बोकारो बंद से निपटने के लिए व्यापक व्यवस्था की गयी है। चहारदीवारी निर्माण का कार्य जारी रहेगा। बंद रहा असरदार, उत्पात बेहिसाब युवा जदयू के जिला प्रवक्ता रूपेश कुमार सिन्हा की हत्या के खिलाफ गुरुवार को आहूत धनबाद बंद असरदार रहा। बंद समर्थकों ने शहर में जमकर उत्पात मचाया। दर्जनों वाहनों के शीशा तोड़ डाले। नया बजार फ्लाईओवर पर बंद समर्थकों और व्यवसायियों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई। इसमें आधा दर्जन लोग घायल हो गये। सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर आये।ड्ढr लाठी-डंडा लिये बंद समर्थक राहगीरों, दुकानदारों पर टूट पड़े। हर तरफ तोड़फोड़, गाली-गलौज व मारपीट का नजारा था। पुलिस महज तमाशाई बनी हुई थी। सबसे ज्यादा परेशान परीक्षार्थी हुए। दुपहिया और अन्य निजी वाहनों से चल रहे लोगों पर भी उत्पातियों का कहर टूटा। बैंक मोड़, नया बजार क्षेत्र में सबसे ज्यादा तोड़फोड़ हुई। सड़क पर जहां-तहां वाहनों के टूटे हुए शीशे नजर आ रहे थे। बंद समर्थकों ने हत्याकांड के नामजद अभियुक्त कालिया के घर में भी आग लगी दी। एसडीओ दिनेशचंद्र मिश्र, डीएसपी संजय रंजन सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी घंटों बैंक मोड़ थाने में जमे रहे। पर वे हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहे।ड्ढr बंद के समर्थन में भाजपा व अन्य दलों के नेता-कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरे हुए थे। जुलूस निकालकर बंद समर्थकों ने सरायढेला, पुलिस लाइन, पार्क मार्केट, चीरागोरा, कोर्ट रोड, स्टेशन रोड, रंगाटांड़, बेकारबांध, बरटांड़, बैंक मोड़ व कतरास रोड मटकुरिया में दुकानों को बंद कराया। रणधीर वर्मा चौक व रंगाटांड़ में बंद समर्थकों ने सड़क जाम कर वाहनों पर गुस्सा उतारा। जगह-जगह लगे लोहे के डिवाइडरों को गिरा कर सड़क जाम कर दी गयी थी।

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  • Web Title: बोकारो में पुलिसिया कहर, धनबाद में बवाल