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मच्छरों का आतंक बढ़ा तो याद आई स्प्रे मशीन

पटना नगर निगम राजधानीवासियों का कितना ख्याल रखता है इसका पता विभाग की कार्यप्रणाली से ही दिख जाता है। बरसात शुरू होने के समय नालों की सफाई के कार्यक्रम की तरह अब मच्छरों को भगाने के लिए भी ठीक उसी तरह के कार्यक्रम बनाए जा रहे हैं। राजधानी को मच्छरमुक्त बनाने की घोषणा तो नगर विकास मंत्री ने भी की थी लेकिन असली कार्रवाई तो पिछले वर्ष शुरू हुई।ड्ढr ड्ढr सशक्त स्थाई समिति व निगम बोर्ड में मच्छरों को मारने के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल दिया गया। इसके लिए नियमित फागिंग कराने का भी निर्णय हुआ। निगम में तो काम में मात्र तीन से चार फागिंग मशीनें ही हैं। बाकी मशीनों को ठीक कराकर उससे फागिंग करा पाना निगम के लिए संभव ही नहीं था। इस पर निगम ने निर्णय लिया कि सभी वाडरे में एक-एक पोर्टेबल स्प्रे मशीन खरीद कर दी जाएगी। इस निर्णय के बाद टेंडर भी निकला और मशीनों की आपूर्ति भी कर दी गयी। पर अचानक उन मशीनों को लौटा दिया गया। निगम बोर्ड की बैठक में नगर आयुक्त ने स्पष्टीकरण दिया कि मशीनों की आपूर्ति बिना आर्डर के की गयी। निगम ने इन मशीनों का जांच कराना भी उचित नहीं समझा। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।ड्ढr ड्ढr अभी यहां की स्थिति विकट है। बरसात समाप्ति के बाद राजधानी में कीटनाशक व मच्छर के लार्वा को नष्ट करने वाली दवाआें का छिड़काव नहीं होने मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गर्मी की शुरुआत होने के कारण अब दिन को लोग खिड़कियां खोलने लगे हैं। भूल से भी शाम को अगर खिड़की खुली रह जाए तो घर में मच्छरों की फौज पहुंच जाती है। अब एक बार फिर निगम इनसे निपटने की योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य समिति की बैठक में महापौर संजय कुमार ने सभी वाडरे में मच्छरों के आतंक को कम करने के लिए स्प्रे मशीन की खरीद का निर्देश दिया। पर इस निर्देश का अनुपालन कब तक हो पाएगा इसके बारे में कोई खुलकर बोल नहीं रहा है।ं

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  • Web Title: मच्छरों का आतंक बढ़ा तो याद आई स्प्रे मशीन