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हर बिहारी को कहीं भी नौकरी करने का अधिकार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र समेत देश के अन्य भागों में बिहारियों पर हो रहे हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बिहारी गरीब हो सकते हैं लेकिन बेईमान नहीं। रोजगार की तलाश में बिहारी दूसरे राज्यों में जाते हैं तो यह उनका संवैधानिक अधिकार है। बिहारी कहीं भी किसी की कृपा पर नहीं, अपने बलबूते रहते हैं। बिहार के लोगों ने पूरे विश्व में ज्ञान का प्रसार किया। हमारे गौरवपूर्ण इतिहास रहे हैं। नालन्दा विश्वविद्यालय की खुदाई में नौ मंजिली इमारत मिली है, जो वास्तुकला का बेहतर नमूना है। यह भूमि सैकड़ों वषार्र्ंे तक सत्ता का केन्द्र रही है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने बिहारियों की कर्मठता का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहारी की बदौलत मॉरीशस एक समृद्ध देश बन गया है। उन्होंने दावा किया कि 2020 तक बिहार विकसित राज्य बन जायेगा। यहां से लोग दो जून की रोटी के लिए बाहर नहीं जायेंगे। हां अगर उन्हें ज्यादा पैसा कमाना होगा तब वे बाहर जा सकते हैं। अगर चांद पर भी किसी काम की वैकेन्सी अखबार में निकल जाये तो वहां पर भी ये लोग लाइन लागा कर पहुंच जाएंगे। मुख्यमंत्री गुरुवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर प्राचीन बैकटपुर शिव मंदिर में पूजा-अर्जना करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने शिवरात्रि के अवसर पर लगने वाले मेले का दीप जलाकर विधिवत उद्घाटन किया। उनके साथ पथ निर्माण मंत्री नन्द किशोर यादव भी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बिहार के लोगांे में ऐसी भावना उत्पन्न हो जिससे राज्य में शांति और समृद्धि व्याप्त हो।ड्ढr ड्ढr उन्होंने धर्मशाला के लिए बैकटपुर मंदिर को पचास लाख रुपये देने की घोषणा भी की। इससे पूर्व नन्द किशोर यादव ने कहा कि एन.एच.-30 से मंदिर तक की सड़क चौड़ी की जाएगी जिसका टेंडर इसी वर्ष निकाल कर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर विधान पार्षद संजय झा, वाल्मीकि सिंह, विधायक सरयुग पासवान, पत्रकार अरुण पाण्डेय, मंदिर प्रबंध समिति के सचिव चन्द्रशेखर प्रसाद सिंह, सह सचिव बी. एन. चौबे आदि उपस्थित थे।

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