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नारी जागरण सम्मेलन कर महिलाआें ने माँगे अधिकार

महिलाआें को अपने अधिकार पाने के लिए क ड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। घरेलू हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बने कानून से इन्हें कोई खास मदद नहीं मिली। यह बात शुक्रवार को आलमबाग के गांधी पार्क में भारत रक्षा दल की आेर से नारी जागरण सम्मेलन में समाज सेविका व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा. कंचन लता सब्बरवाल ने कही। कार्यक्रम में विधायक सुरेश चन्द्र तिवारी, लखनऊ गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह और शशि कला, महेन्द्र मल्होत्रा, श्रीनिवास राय ने भी विचार व्यक्त किए।ड्ढr राष्ट्रीय महिला संस्थान की आेर से प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय बाल गृह में प्रतियोगिताआें का आयोजन किया गया। कला में तीन से छह वर्ष के बच्चों में गौरव प्रथम, मोनिका दूसरे और सज्जो तीसरे स्थान पर रहे। छह से 10 वर्ष आयुवर्ग में श्वेता प्रथम, ऊषा दूसरे और हिमांशु तीसरे स्थान पर रहे। काव्य में कासमीन ने प्रथम, आसमीन ने दूसरा और अंजली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। फैंसी ड्रेस में असमीन प्रथम, फूलन कुमारी दूसरे और सागर तीसरे स्थान पर रहे। सोनी व मनीषा ने विशेष पुरस्कार जीते। भारतीय मानव कल्याणकारी संस्था की आेर से शुक्रवार को प्रेस क्लब में ‘शबरी सम्मान समारोह 2008’ का आयोजन किया गया। इसके अन्तर्गत ‘पर्यावरण सुरक्षा में नारी की भूमिका’ पर संगोष्ठी में वरिष्ठ अधिवक्ता एसके कालिया और मैगसेसे अवार्ड विजेता संदीप पाण्डेय बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। केयरिंग सोल फाउण्डेशन की आेर से ‘विकास में महिलाआें की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। महिलाआें को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला समाजवादी पार्टी की आेर से भी एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। महिला आँगनबाड़ी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से महिलाआें के जीवन स्तर सुधारे जाने की माँग की। उत्तर प्रदेश गांधी स्मारक निधि से सम्बद्ध गांधी स्वाध्याय संस्थान की आेर से गांधी भवन के स्वाध्याय कक्ष में ‘आधी आबादी के अधिकार एवं कर्तव्य पर परिचर्चा हुई। गांधीवादी विचारक पं.रामप्यारे त्रिवेदी ने गोष्ठी की अध्यक्षता की जबकि संचालन जनकवि o्रीराम शुक्ल ने किया। मुख्य वक्ता o्रीमती माया शरण सिंह ने कहा कि विकास की गति एवं दिशा निर्धारित कर परिचर्चा में हरीश शर्मा, सुरेश सिंह चौहान, द्वारिका प्रसाद शुक्ल, डा.बृजेन्द्र निगम,चन्द्रप्रकाश महलवाला, चक्र सुदर्शन पाण्डेय, o्रीपाल, शत्रुघ्न सिंह, सुरेश चन्द्र गुप्त, एस.एम.अली, राम नारायण सत्यवीर, शिवराम, हीरालाल, आेम प्रकाश, आशा सिंह और कन्हैया लाल कमल ने भी विचार व्यक्त किए।ड्ढr पारा गाँव में पुतुल नुक्कड़ नाटक द ग्रेट विमेन्स की प्रस्तुति पुतुल कला विशेषज्ञ अरशद उमर के निर्देशन में की गई। इसमें पारम्परिक दस्ताना पुतुल और समकालीन छड़ पुतुल के जरिए महादेवी वर्मा, सरोजनी नायडू, मदर टेरेसा, बेगम हजरत महल, रानीलक्ष्मीबाई के जीवन से जुड़ी घटनाआें के साथ महिलाआें की वर्तमान स्थिति को दर्शाया गया। ज्ञान विज्ञान समिति उप्र शनिवार को स्मारिका का विमोचन कर रही है। महासचिव संजीव सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष ‘उम्मीद‘का 12 वाँ अंक प्रकाशित किया जाएगा। स्मारिका का विमोचन जिलों में होगा।

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  • Web Title: नारी जागरण सम्मेलन कर महिलाआें ने माँगे अधिकार