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विधानसभा में हंगामा, वाकआउट

बारसोई के पूर्व माले विधायक महबूब आलम के साथ भागलपुर केन्द्रीय कारा में हुए र्दुव्‍यवहार की जांच भागलपुर के जिलाधिकारी करेंगे। यह घोषणा शुक्रवार को विधानसभा में ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने की। हालांकि विधायकों के साथ लगातार हो रहे र्दुव्‍यवहार के मामले को लेकर विपक्ष ने शुक्रवार को विधानसभा चलने ही नहीं दी।ड्ढr ड्ढr श्री आलम की भागलपुर जेल में पिटाई के मामले पर उचित कार्रवाई की मांग को लेकर माकपा छोड़ सम्पूर्ण विपक्ष ने वेल में पहुंचकर जोरदार हंगामा और वॉक आउट किया। बाद में विपक्ष की अनुपस्थिति में विजेन्द्र यादव ने कहा कि श्री आलम 14 कांडों में आरोपित हैं जिनमें तीन मामले हत्याकांड से जुड़े हैं। वे पिछले कई वषरे से फरार से चल रहे थे। पश्चिम बंगाल में छिपकर रहने के कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही थी। पिछली बार वे विधायक बने तो जरूर लेकिन उन्होंने शपथ ग्रहण नहीं की। श्री आलम की अदावत मो. जिन्ना के साथ चल रही है और दोनों के समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष चलता रहा है। पिछले वर्ष मो. जिन्ना और श्री आलम को गिरफ्तार कर कटिहार मंडल कारा में रखा गया। वहां भी दोनों के बीच संघर्ष और उनके जेल से भाग जाने की आशंका को देखते हुए उन्हें पिछले 24 फरवरी को भागलपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि श्री आलम ने स्वयं जेल आईजी से मोबाइल पर कहा था कि जिस दिन वे भागलपुर सेंट्रल जेल लाए गए उस दिन एक लकड़ी के बक्से पर बैठने को लेकर सादे वस्त्र पहने एक आदमी ने उन्हें थप्पड़ मारा था। उनके अनुसार वह आदमी जेल का अधिकारी नहीं था। इसके अलावा जब वे जेल के अंदर पत्र-पत्रिकाएं ले जाना चाहते थे तो किसी ने उन्हें दो-तीन डंडा मारा था। इसके पूर्व सदन में माले के अरुण कुमार एवं निर्दलीय हरिभूषण ठाकुर बचौल ने प्रदेश में अफसरशाही के शासन को लेकर सरकार पर हमला बोला। इस घटनाक्रम के दौरान संसदीय कार्य मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह एवं राजद नेता जगदानन्द और ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव एवं राजद नेता शकील अहमद खां के बीच तू-तू-मैं-मैं भी हुई। विधानसभा अध्यक्ष उदयनारायण चौधरी के कई बार के आग्रह के बावजूद सम्पूर्ण विपक्ष लगातार वेल में जमा रहा और ‘अफसरशाही नहीं चलेगी, महबूब आलम की जेल में पिटाई क्यों-नीतीश सरकार जवाब दो, भागलपुर कैम्प जेल के कारापाल को बर्खास्त करो, हिटलरशाही-तानाशाही बन्द करो, लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी’ आदि नारे लगाते रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बात को भी अनसुना कर प्रदर्शन जारी रखा। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि विधानसभा अध्यक्ष को तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा भी कि मामले की पूरी तहकीकात कर सरकार सदन में पूरी जानकारी देगी और सदन जो फैसला करेगा उसके अनुसार कार्रवाई होगी। पर विपक्ष ने मुख्यमंत्री के इस आग्रह को टालते हुए मांग की कि पूर्व विधायक की पिटाई की मामले की जांच सदन की सर्वदलीय कमेटी करे।ड्ढr ड्ढr बाद में विधानसभा के बाहर संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राजद के शकील अहमद खां, लोजपा के महेश्वर सिंह, माले के अरुण कुमार एवं बसपा के रामचन्द्र यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष जब तक मामले की जांच के लिए सदन की कमेटी की घोषणा नहीं करेंगे, विपक्ष एकजुट हो सदन को नहीं चलने देगा। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के कार्यकाल में विधायक एवं पूर्व विधायकों के साथ र्दुव्‍यवहार का यह 31 वां मामला है जिसपर कार्रवाई करने से सरकार पीछे हट रही है।ं

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  • Web Title: विधानसभा में हंगामा, वाकआउट