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हैंड सर्जरी का शोध केन्द्र बनेगा राजवंशीनगर अस्पताल

लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, राजवंशीनगर में हैंड सर्जरी का शोध कार्य आरम्भ होगा। अस्पताल के हैंड सर्जरी विशेषज्ञ डा.एच.एन.दिवाकर ने बताया कि कलाई और हाथ की ऊंगलियों में होनेवाली विकृति को सर्जरी कर आसानी से दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में ऊंगली की हड्डियों की समस्या तेजी से बढ़नेवाली है। इसका सही पर इलाज नहीं किया गया तो हाथ बर्बाद हो सकता है।ड्ढr ड्ढr राजवंशीनगर अस्पताल में हड्डी रोग इकाई के प्रभारी डा.एच.एन.दिवाकर ने बताया कि अभी तक अस्पताल में 250 से अधिक कलाई के चोट के रोगियों की सर्जरी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर पर काम करनेवालों की ऊंगली की नस कमजोर होने की शिकायत बढ़ रही है। विकसित देशों में यह सामान्य बीमारी बन चुकी है। इसे ‘कारपल टनल सिन्ड्रोम’ कहा जाता है। कम्प्यूटर युग में इस बीमारी का तेजी से फैलने की संभावना है। इस रोग का समय पर इलाज न कराने से हाथ बेकार हो जाने की आशंका होती है। इस बीमारी का इलाज सरल है बशर्ते कि आरम्भ में इसकी पहचान कर उपचार किया जाए। ऊंगली की हड्डी पर शोध करनेवाले डा. दिवाकर ने बताया कि ऊंगली की बीमारी घरेलू महिलाओं की आम समस्या है।ड्ढr ड्ढr राजवंशीनगर अस्पताल में इस प्रकार के मरीजों का इलाज आरम्भ हो चुका है। इस प्रकार के रोग के इलाज पर शोध कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रामा के दौरान घायल व्यक्ितयों में 13-15 फीसदी को हाथ में चोट लगती है। ऐसे मरीजों में 70 फीसदी का सही इलाज नहीं हो पाता। खिलाड़ियों में ऊंगली की जोड़ के टूटने की बीमार होती है। ऊंगली की हड्डी टूटने की शिकायत कम है लेकिन इसकी सर्जरी बहुत ही जटिल होती है। सरकार की मदद से इस प्रकार के मरीजों का इलाज राजवंशीनगर अस्पताल में करने की व्यवस्था की जा रही है। इससे शोध कार्य को भी बढ़ावा मिलेगा।

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