अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चिरैयाटांड़ पुल की कंकड़बाग-स्टेशन रोड पर आवागमन अगले माह से

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम अब दूसरे प्रदेशों में भी आधारभूत संरचना का विकास करेगा। निगम ने अगले वित्तीय वर्ष से बिहार के बाहर की विकास परियोजनाओं में हाथ बढ़ाने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को अध्यक्ष प्रत्यय अमृत ने अपने लाभांश में से 3 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने के बाद संवाददाताओं को उक्त जानकारी दी। अप्रैल से चिरैयाटाड़ पुल के कंकड़बाग-स्टेशन रोड वाले दूसरे पुल पर भी आवागमन चालू हो जायेगा।ड्ढr ड्ढr पटना में मरीन ड्राइव की परिकल्पना की संभावनाएं तलाशने और विभिन्न सड़क व सेतु निर्माण योजनाओं को लेकर शनिवार को आईएलएफएस, आईडीएफसी और पथ निर्माण विभाग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होगा। निगम अध्यक्ष ने 1, अणे मार्ग जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चेक सौंपा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम खुद ही बिहार के पुननिर्माण की ‘सक्सेस स्टोरी’ बन गया है। यह जीता-जागता उदाहरण है कि यहां कैसे क्षमता का निर्माण हो रहा है।ड्ढr उन्होंने कहा कि पटना में मरीन ड्राइव योजना अभी कल्पना के ही स्तर पर है। गंगा नदी के किनारे एक सड़क बनें, ऐसा सोचने में कोई बुराई नहीं। ‘अगर आप ऊंचा सपना नहीं देखेंगे तो हासिल क्या करेंगे।’ सलाहकार के माध्यम से इसकी लागत और उपयोगिता का अध्ययन कराया जायेगा।ड्ढr ड्ढr श्री सिन्हा ने बताया कि फिलहाल निगम द्वारा लगभग 2200 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न परियोजनाओं पर काम जारी है। मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना के तहत 516 पुलों का निर्माण जारी है जबकि 74 का निर्माण पूरा हो गया है। जून तक 160 पुलों का निर्माण करा लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में निगम को कर भुगतान के बाद भी 35 करोड़ रुपये लाभ की उम्मीद है। निगम द्वारा कोसी नदी पर 400 करोड़ रुपये की लागत से सहरसा-दरभंगा, गंडक नदी पर 200 करोड़ रुपये की लागत से गोपालगंज-बेतिया और सोन नदी पर 100 करोड़ रुपये की लागत से अरवल-सहार के बीच पुल बनाया जायेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: चिरैयाटांड़ पुल की कंकड़बाग-स्टेशन रोड पर आवागमन अगले माह से