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बार-बार लगायी गुहार, फिर भी सोयी रही सरकार

आत्मदाह करनेवाले कर्मचारी भृगुनंद पांडये और अतीश झा का इलाज रिम्स में किया जा रहा है। पांडेय करीब 50 प्रतिशत जले हुए हैं। उनकी कमर, पेट और गर्दन का हिस्सा बुरी तरह झुलसा हुआ है। उन्हें बर्न वार्ड में भरती किया गया है। घायल अतीश झा को जले होने के साथ-साथ गर्दन में भी चोट है। उनका इलाज ट्रॉमा यूनिट में हो रहा है। रिम्स प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार घायल दोनों कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।ड्ढr इधर बातचीत में दोनों घायल कर्मचारियों ने पूरे घटनाक्रम के लिए सरकार को दोषी बताया है। इन्होंने कहा कि वे लोग पिछले तीन माह से लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसके बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि उन लोगों को उपेक्षा ही मिली। ऐसे में उन लोगों ने उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया। घटना के बारे में भृगुनाथ पांडे ने कहा कि वे लोग करीब 150 कर्मचारी उपस्थित थे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सात लोगों को आत्मदाह करना था। सभी लोगों ने नियत समय पर अपने शरीर पर केरोसिन छिड़क लिया। जब तक पुलिस आती, तब तक भृगुनाथ पांडे और अतीश झा ने आग लगा ली।ड्ढr आत्मदाह के बाद सूना हो गया कार्यालयड्ढr आत्मदाह की घटना के बाद प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस सचिवालय के सभी कार्यालयों में सन्नटा पसरा है। प्रोजेक्ट भवन में सभी कर्मचारी बाहर आ गये और आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ हो गये। मुख्य सचिव से लेकर अन्य विभागीय सचिव भी नहीं दिखे। गृह सचिव सुधीर त्रिपाठी एकमात्र अधिकारी थे, जो घटनास्थल पर पहुंचे। आंदोलनकर्मियों से उन्होंने बात भी करने की कोशिश की। कर्मचारियों ने बातचीत करने से इंकार कर दिया।ड्ढr सचिवालय के आसपास निषेधाज्ञा प्रोजेक्ट भवन अत्मदाह की घटना के बाद सचिवालय के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि इन क्षेत्रों 13 मार्च तक धरना-प्रदर्शन करने को किसी को इजाजत नहीं दी जायेगी। प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस, झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड, परिवहन सचिवालय, इंजीनियरिंग भवन, एमटीआइ बिल्डिंग के आसापास के 200 मीटर के क्षेत्रों में धारा 144 लागू है।ड्ढr प्रोजेक्ट भवन की घटना पर दो एफआइआरड्ढr प्रोजेक्ट भवन के सुरक्षा प्रभारी जुल्फीकार के बायान पर धुर्वा थाना में दो मामला दर्ज किया गया है। एक में सरकारी का में बाधा डालने, हंगामा करने और अन्य आरोप हैं। इस मामले में 25 कर्मचारियों को आरोपी बनाये गये हैं। दूसरे एफआइआर में कर्मचारी भृगुनाथ पांडेय और अशीष झा आरोपी हैं। इनके विरुद्ध भादवि की धारा 30े तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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