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पूरी तरह लागू नहीं हो रहा प्रोन्नति का समझौता

सेवावधि में कामगारों को चार प्रोन्नति देने का समझौता सीसीएल में पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है। कई तो एक ही पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त तक हो गये। एकाउंट कैडर की स्थिति तो और बुरी है। यहां मैनपावर बजट में पदों का प्रावधान कर प्रोन्नति नहीं दी जा रही है। उसे रद्द कर दिया जा रहा है।ड्ढr प्रोन्नति संबंधी समझौता जेबीसीसीआइ में हुआ था। इसके मद्देनजर ही कई कैडर में प्रोन्नति के लिए पद सोपान बनाया गया। प्रबंधन के रुचि नहीं लेने के कारण इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभी कई कैटेगरी वन के कामगारों से क्लर्क एवं अन्य ग्रेड का काम लिया जा रहा है। हालांकि उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। मिनी रत्न का दर्जा मिलने के बाद कामगारों में प्रोन्नति को लेकर आस बंधी है। स्थिति के मद्देनजर उन्हें यह पूरा होता दिखायी नहीं दे रहा है। एनसीआेइए के अपर महासचिव आरपी सिंह के मुताबिक एकाउंट कैडर के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। इसमें ए और ए-1 ग्रेड का 25 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति नहीं दी जा रही है। कहा जाता है कि इस पर सीधी नियुक्ित होगी। पिछले 17 वषरे से नियुक्ित नहीं होने से पद सरेंडर हो जा रहा है। प्रबंधन अपनी कर्तव्य नहीं समझ रहा है। सिर्फ कर्मियों को जिम्मेवारी समझा रहा है।ड्ढr डब्ल्यूसीएल जायेगा जेसीएमयू का शिष्टमंडलड्ढr द झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन का शिष्टमंडल नागपुर स्थित डब्ल्यूसीएल जायेगा। वहां 12 मार्च को आमसभा होगी। इसके बाद बिलासपुर स्थित एसइसीएल में 15 मार्च को कार्यक्रम होगा। उक्त कंपनी के कामगारों का भी इसमें सहयोग मांगा जायेगा। महासचिव सनत मुखर्जी के मुताबिक इसमें उमेश सिंह, मधु उरांव, सुभाषिश चटर्जी, मुश्ताक आलम, जहूर मियां और नवीन कुमार झा वहां जायेंगे।ड्ढr उत्पादन ने पकड़ी रफ्तारड्ढr सीसीएल में उत्पादन ने रफ्तार पकड़ ली है। मार्च के प्रथम सप्ताह से ही प्रतिदिन करीब 2.50 लाख टन कोयले का उत्पादन हो रहा है। पिपरवार क्षेत्र में भी उत्पादन में जबरदस्त तेजी आयी है। पिछले वर्ष यह स्थिति मार्च के दूसरे सप्ताह में थी। सनद रहे कि पांच मार्च तक कंपनी ने 36 मिलियन टन उत्पादन कर लिया है। प्रबंधन लक्ष्य 44 एमटी हासिल करने के प्रति आश्वस्त है।ं

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