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लिनारेस में आनंद की बादशाहत कायम

लिनारेस शतरंज का अंतिम राउंड शुरू होने से पहले शतरंज के चार बादशाह संयुक्त विजेता बनने की पोजीशन में थे। कयास यही लगाए जा रहे थे कि मुकाबला जोरदार होगा। ऐसा इसलिए था कि टूर्नामेंट में अब तक खेले गए कुल राउंड में ड्रॉ का प्रतिशत कम था। ऐसा नहीं हुआ और इस राउंड में सभी खिलाड़ियों ने सुरक्षात्मक रवैया अपनाया। यही कारण था कि अंतिम राउंड की चारों बाजियां बराबरी पर छूटीं। विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने अपनी बादशाहत कायम रखी। लगातार दूसरी बार उन्होंने यह खिताब जीता। टॉप बोर्ड पर बिसात बिछी थी दो विश्व चैंपियनों के बीच। एक तरफ थे आनंद तो उनके सामने थे पूर्व विश्व चैंपियन बल्गारिया के वेसेलिन तोपालोव। आनंद सफेद मोहरों से खेल रहे थे। उन्हें तोपालोव ने थोड़ा मुश्किल में डालने की कोशिश की। आनंद को भी पता था कि यहां कि हार उन्हें चैंपियन बनने से रोक सकती है। मैगनस कार्लसन टूर्नामेंट में पूरे फॉर्म में थे और आनंद से मात्र आधा अंक पीछे थे। यही कारण था कि आनंद ने रक्षात्मक खेल खेला और दोनों खिलाड़ी 23 चालों के बाद अंक बांटने को राजी हो गए। इस कैटेगरी-21 टूर्नामेंट में आनंद सबसे ज्यादा 8.5 अंक के साथ चैंपियन बने जबकि अजरबैजान के तैमूर राद्जाबोव से ड्रॉ खेलने वाले नार्वे के कार्लसन 8 अंक के साथ दूसरे नम्बर पर रहे। आर्मेनिया के लेवोन अरोनियन ने जहां हंगरी के पीटर लेको से ड्रॉ खेला वहीं मेजबान स्पेन के एलेक्सी शिरोव और यूक्रेन के वैसिली इवानचुक की बाजी भी बराबरी पर छूटी। अरोनियन और तोपालोव 7.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे जबकि राद्जाबोव 7 अंक के साथ 5वें, इवानचुक 6.5 अंक के साथ छठे जबकि शिरोव और लेको 5.5 अंक के साथ संयुक्त रूप से सातवें स्थान पर रहे।ड्ढr आनंद ने पिछले साल जब खिताब जीता था तब भी उनके 8.5 अंक ही थे लेकिन दूसरे नम्बर के खिलाड़ी से उनका अंतर पूरे एक अंक का था। यहां यह कम होकर आधा अंक हो गया। आनंद ने कहा कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने से ही टूर्नामेंट में सफलता मिली। उन्होंने जीत के बाद कहा, ‘मेरा पहला हाफ कुछ खास नहीं रहा था लेकिन पांचवें राउंड से मैंने लय पकड़ी। उसके बाद स्पेन की फ्लाइट पकड़ने से पहले मैंने दो बाजियां ड्रॉ खेलीं। यहां मैंने देखा कि खिलाड़ी थके हुए हैं। मेरे खयाल से मैं यहां पर सबसे ज्यादा स्टेबल नजर आ रहा था जबकि अन्य पर थकाम साफ दिखाई दे रही थी।’ दो महाद्वीप में खेले जाने वाले इस अनूठे टूर्नामेंट के दोनों चरणों के अपने प्रदर्शन की तुलना कैसे करेंगे, पूछने पर आनंद ने कहा, ‘मैं मोरेलिया में आधा अंक और हासिल कर सकता था लेकिन यह पूरा टूर्नामेंट एक ही है। मेरे खयाल से मैंने मोरेलिया में अच्छा खेला।’ भारतीय के स्टार शतरंज खिलाड़ी ने कहा कि शिरोव के खिलाफ पहले राउंड की बाजी टूर्नामेंट की बेस्ट बाजी रही। उन्होंने कहा, ‘मुझे शिरोव के खिलाफ जीत बहुत अच्छी लगी। यह टूर्नामेंट की बेहतरीन शुरुआत थी।’ आनंद ने इसी साल फिडे ग्रां प्री में खेलने से इनकार कर दिया। कुछ समय ब्रेक लेने के बाद आनंद अम्बर ब्लाइंडफोल्ड एंड रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे।

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  • Web Title: लिनारेस में आनंद की बादशाहत कायम