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भटक रहे हैं राहत की आस लिए

‘..दो नवम्बर 84 का वह दिन कटरा मकबूलगंज में रहने वाली बलवंत कौर को आज भी नहीं भूलता। घर के अगले कमरे में चलने वाली उनकी जनरल मर्चेट की दुकान को आतताइयों ने तेल से भीगे टायर के टुकड़े फेंककर फूँक डाला था। बेचारी डर के मारे घर वालों के साथ पंजाब चली गई थीं..काफी समय बाद लौट कर आईं तो सन् 2000 में उनके पति की कुछ लोगों ने हत्या कर दी..तब से यह बुजुर्ग महिला आस में हैं कि शायद केन्द्र या राज्य सरकार को रहम आए और उन्हें मुआवजा मिल जाए..’ड्ढr बलवंत कौर अकेली नहीं हैं जो 24 पहले गुजरी त्रासदी के दर्द से आजतक जूझ रही हैं और उन्हें प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा। ऐसे बहुत से लोग हैं। लखनऊ से लेकर कानपुर और बिहार तक में सैकड़ों ऐसे सिख हैं जिन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला। मिसाल के तौर लखनऊ के मुकारिमनगर डालीगंज में रहने वाले अजय कुमार मंगल का मामला है। सामाजिक संगठन सिखसेना के सतपाल काके के साथ आए श्री मंगल ने ‘हिन्दुस्तान’ के दफ्तर में आकर बताया बिहार के रोहतास जिले में उनका अच्छा-खासा धंधा चल रहा था। चार नवम्बर 84 को थाना डेहरी आेनसोन क्षेत्र में सिनेमा रोड स्थित उनके पंजाब किराना स्टोर को लूट लिया गया। उस वक्त उनका 45 हजार रुपए का नुकसान हुआ। डर के मारे वे बिहार छोड़कर लखनऊ आ गए और अब यहाँ मैरिज ब्यूरो चलाते हैं। उन्होंने पिछले साल 31 अगस्त को इस बारे में जिलाधिकारी लखनऊ को ज्ञापन दिया था।ड्ढr यहाँ से उनका ज्ञापन कानपुर के मंडलायुक्त को भेजा गया। वहाँ से बीती 20 फरवरी को उनके पास जवाब आया कि आपके दावे में दम नहीं है क्योंकि आप उपयुक्त साक्ष्य नहीं दे पाए हैं। जबकि श्री मंगल ने इस मामले की सूचना उस वक्त स्थानीय थाने को दी थी और इसकी उनके पास रिसीव करी हुई प्रतिलिपि भी है। भुक्तभोगी बलवंत कौर कहती हैं कि आखिर 24 साल पहले हुए हादसे के क्या सुबूत वे दें। लोकमान्यगंज चारबाग में रहने वाले गुरुबख्श सिंह की भी यही तकलीफ है कि उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा। उनका पत्र 30 दिसम्बर 06 को लखनऊ प्रशासन की आेर से कानपुर के कमिश्नर को भेजा गया था पर उन्हें अब तक कोई जवाब ही नहीं मिला। लखनऊ के डीएम चन्द्रभानु का कहना है कि अगर 84 पीड़ितों के मुआवजे से जुड़े नए-नए मामले लगातार आ रहे हैं। अगर किसी को शिकायत है तो वह उन्हें फिर से आवेदन दे सकता है। वे इसका सत्यापन कराएँगे पर अंतिम निर्णय कानपुर के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी की संस्तुति पर शासन स्तर से किया जाएगा। ं

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