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शिक्षा विभाग में भी नहीं हुआ काम-काज

आत्मदाह की घटना के बाद कर्मचारी काफी गुस्से में है। शिक्षा विभाग में जिला से लेकर राज्य मुख्यालय स्तर तक काम-काज ठप रहा। ताला तक नहीं खुला। जिस कार्यालय में ताला खुला, वहां कर्मचारियों ने भी आधे घंटे बाद बंद करा दिया। डीएसइ, डीइआे, आरडीडीइ आये, लेकिन कर्मचारियों की असहयोग के कारण उन्हें बिना काम किये ही वापस लौटना पड़ा। जिला शिक्षा विभाग में झारखंड शिक्षा अनुसचिविय कर्मचारी संघ के महामंत्री उमेश पांडेय के नेतृत्व में कामकाज बाधित कराया गया।ड्ढr आत्मदाह के लिए सरकार दोषी: शिक्षक संघड्ढr रांची। शिक्षक संघों ने घटना के लिए सरकार को जिम्मेवार बताया। संघ ने कहा कि सरकार जल्द ही शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याआें के निष्पादन के लिए मुख्य सचिव के अध्यक्षता में राज्यस्तरीय सेल बनाये। गंगा प्रसाद यादव ने कहा कि सरकार ने ही कर्मचारियों को आत्मदाह के लिए बाध्य किया है। शिक्षक संघों ने पीड़ित परिवार को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। संघ की बैठक में सतीश चंद्र झा, फारुक आजम अंसारी, अयोध्या सिंह, कालीनाथ झा, स्थापनानुमति विद्यालय संघ के सुरेंद्र झा, वीके घोष आदि उपस्थित थे। गृह सचिव ने दी रिपोर्टड्ढr रांची। चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के आंदोलन पर गृह सचिव सुधीर त्रिपाठी ने सरकार को रिपोर्ट दी है, जो घटनाक्रम पर आधारित है। इसमें प्रोजेक्ट भवन के मुख्य गेट पर लगाये गये मेटलडिडेक्टर को क्षति पहुंचाने का आरोप है। यह रिपोर्ट उपसचिव द्वारा गृह सचिव को दी गयी थी। उसी को गृह सचिव ने मुख्य सचिव को भेज दिया है। पूरे मुद्दे पर खुफिया विभाग ने भी अलग से रिपोर्ट दी है। दो पृष्ठी रिपोर्ट में कुछ कर्मचारी नेताआें के नाम भी हैं, साथ ही आत्मदाह की कोशिश करनेवाले दो कर्मचारियों की स्थिति का भी जिक्र किया गया है।

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