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किशनगंज के मदरसे में युवतियों को यौन शिक्षा

बिहार में किशनगंज जिले के दूरदराज के एक गांव में किसी मदरसे में लड़कियों को यौन शिक्षा और प्रजनन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक बनाना क्या संभव है? बिल्कुल नहीं, लेकिन बिहार के ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे एनजीओ आजाद इंडिया फाउंडेशन (एआईएफ) ने ऐसे असंभव कार्य को भी संभव कर दिखाया।ड्ढr ड्ढr सईदा बानो और उनकी बहू युमां हुसैन द्वारा संचालित आईएएफ ने इस मुस्लिम बहुल जिले में सदियों पुरानी मजहबी और सामाजिक व्यवस्था को बदलने की जुर्रत की। लेकिन यह पूरी क्रांति एकदम खामोशी से आई। इसके लिए एनजीओ ने मुस्लिमों, हिंदुओं और जनजातीय समुदायों के धार्मिक नेताओं और बड़े-बुजरुगों को धीरे-धीरे इस बात के लिए राजी किया कि लड़कियों व महिलाओं को यौन शिक्षा से जुड़ी कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दें।ड्ढr ड्ढr एआईएफ की एक फील्ड वर्कर नजमा दास ने तो उस समय सामाजिक बंदिशें तोड़ने में बेहद अहम सफलता हासिल की, जब मदरसे में लड़कियों को प्रजनन स्वास्थ्य सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना शुरू किया। वह बताती हैं, ‘हमने बर्थ कंट्रोल और स्थायी गर्भनिरोधक उपायों जैसे मुद्दों पर एकदम से बात करना शुरू नहीं किया। बल्कि धीरे-धीरे अपना संदेश दिया और लड़कियों ने इस बारे में जानने-समझने में दिलचस्पी दिखाई।’ अब मोहिउद्दीनपुर गांव के एक 70 वर्षीय मजहबी उलेमा गयासुद्दीन की बात पर गौर फरमाएं। एआईएफ की महिला कार्यकर्ताओं को अपने मदरसे मेंपढ़ाने के लिए आने की अनुमति देने वाले गयासुद्दीन कहते हैं, ‘कुरान में भी कहा गया है कि अगर जरूरत पड़े तो किसी को शिक्षा हासिल करने के लिए चीन जाने से भी परहेज नहीं करना चाहिए। तो फिर मदरसा क्यों नहीं।’ एआईएफ ने 15 गांवों 10 से 1वर्ष तक की लड़कियों को यौन स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट संजीवनी नामक यह कार्यक्रम 2004 में शुरू किया था।ड्ढr ड्ढr युमां हुसैन बताती हैं कि जब दिल्ली के स्कूलों में यौन शिक्षा कार्यक्रम को ठीकठाक तरीके से नहीं चलाया जा सकता तो यह कल्पना की जा सकती है कि किशनगंज के रुढ़िवादी गांवों में यह कार्यक्रम कितना मुश्किल रहा होगा। उन्होंने बताया, इस मुद्दे पर खुलकर बातें करना भी मंजूर नहीं था। यहां तक कि कई टीचर ने भी विरोध स्वरूप इससे पल्ला झाड़ लिया। लेकिन हमने अपनी सोच बदली और आखिर इस दिशा में आगे बढ़ने में सफलता हासिल की।

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  • Web Title: किशनगंज के मदरसे में युवतियों को यौन शिक्षा