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फार्मेसी कौंसिल के निबंधक हटाए गए

राज्य सरकार ने फार्मेसी कौंसिल के निबंधक को हटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक निबंधन नवीन कुमार की दोबारा नियुक्ित से संबंधित संपुष्टि के कौंसिल के प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया है। इससे फार्मेसी कौंसिल के संचालन में चल रहे विवाद पर रोक लगने की संभावना है। राजद के वरीय विधायक एवं पूर्व मंत्री जगदानन्द, जदयू के विधायक जमशेद अशरफ एवं विधानपरिषद की याचिका समिति के अध्यक्ष व राजद के विधानपार्षद नागेन्द्न प्रसाद सिंह ने उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एवं स्वास्थ्य मंत्री चन्द्रमोहन राय से नवीन कुमार पर यथोचित कार्रवाई करने का आग्रह किया था। नवीन कुमार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों को लगातार की जा रही अवहेलना से विभाग भी हलकान था। बीते नवम्बर में विभाग ने फार्मेसी कौंसिल की बैठक पर रोक लगाते हुए फार्मेसी कौंसिल के निबंधक एवं सदस्यों को निर्देश दिया था कि बिना सरकार की अनुमति के फार्मेसी कौंसिल में किसी भी प्रकार की बैठक का आयोजन नहीं करें। उप सचिव ने नवीन कुमार को कहा था कि 4 जुलाई 2007 को ही फार्मेसी कौंसिल के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव पर रोक लगा दी गयी थी। बावजूद सरकारी आदेश की अवहेलना कर एक फर्जी चुनाव कर अध्यक्ष का चुनाव कराया गया। ऐसी अवैध बैठक को तत्काल रोकें और उसकी सूचना विभाग को दें।ड्ढr ड्ढr श्री कुमार ने राज्य सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए 6 जुलाई 2007 को कौंसिल के कुल 15 सदस्यों में से मात्र चार सदस्यों के बूते कौंसिल का चुनाव सम्पन्न कराके अध्यक्ष का चयन करवा लिया था। हालांकि चुनाव में अनियमितता की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने उचित जांच होने तक चुनाव पर रोक लगा दी थी।

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