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उम्मीदवारों के चयन को लालू अधिकृत

राजद संसदीय बोर्ड ने राज्य सभा और विधान परिषद के उम्मीदवारों के चयन और तालमेल के लिए अन्य दलों से बातचीत के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को अधिकृत कर दिया है। यह जानकारी राजद विधायक दल के मुख्य सचेतक प्रो. रामचन्द्र पूर्वे ने दी है। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष को अधिकृत करने का प्रस्ताव राजद के प्रदेश महासचिव रामवचन राय ने रखा। राजद केन्द्रीय संसदीय बोर्ड और राज्य संसदीय बोर्ड की संयुक्त बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद की अध्यक्षता में शनिवार को हुई।ड्ढr ड्ढr बैठक में बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष की नेता राबड़ी देवी, कंपनी मामलों के केन्द्रीय मंत्री प्रेम गुप्ता, केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव, केन्द्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता राज्य मंत्री डा. अखिलेश प्रसाद सिंह, युवा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद आलोक कुमार मेहता, अनिरुद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव, रामकृपाल यादव, मंगनीलाल मंडल और रामदेव भंडारी के अलावा कई विधायक मौजूद थे। इधर सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजद ने विधान परिषद और राज्य सभा की दो-दो सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। ठीक नामांकन दाखिल करने के समय ही उम्मीदवारों के नामों के घोषित होने की संभावना है। विधान परिषद में विधानसभा के कोटे से खाली हो रही नौ सीटों में चार सीटों पर राजद का कब्जा है। सीटों के आंकड़े के हिसाब से राजद का दो सीटें जीतना तय है जबकि कांग्रेस के लिए अपने अतिरिक्त वोट उसे देने पड़ सकते हैं। अब तक चल रही चर्चाआें के अनुसार राजद की सूची में अब तक केवल नये नामों पर ही विचार जारी है।ड्ढr ड्ढr राजद कार्यालय में टिकट के लिए उमड़ पड़ा था हुजूमड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। और भीड़ देखकर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद इतने गुस्से में आ गए कि कार्यालय ही छोड़कर चले गए। लम्बे अरसे के बाद श्री प्रसाद ने शनिवार को राजद के प्रदेश कार्यालय में आकर कार्यकर्ताआें से मिलने और उनकी बात सुनने का फैसला किया था। इसके लिए प्रदेश कार्यालय में पार्टी के सभी नेता जुटे थे। इनमें कई लोग विधान परिषद और राज्य सभा के चुनावों के टिकटार्थी भी थे। कुछ की इच्छा थी कि अध्यक्षजी उन्हें किसी तरह ‘एडजस्ट’ कर दें तो कुछ लोगों का कहना था कि अब तो उन्हें मौका मिलना ही चाहिए। बहरहाल, आसपास की झोपड़पट्टियों के लोगों को जैसे ही पता चला कि लालू प्रसाद प्रदेश कार्यालय में आए हैं, उनकी भीड़ टूट पड़ी। किसी की शिकायत थी कि उसे वृद्धा पेंशन नहीं मिल रही है तो किसी का कहना था कि विकलांग होने के बावजूद उसे कोई सुविधा नहीं मिल रही है। किसी को पुलिस तंग कर रही थी तो किसी को राशन कार्ड नहीं मिल रहा था। इतना ही होता तो गनीमत थी। पचासों परीक्षार्थी वहां नारेबाजी करते पहुंच गए कि पुलिस ने उन्हें बेरहमी से पीटा है। इसके अलावा मीडिया के लोग।ड्ढr ड्ढr श्री प्रसाद जैसे ही प्रदेश कार्यालय पहुंचे कि इस भीड़ ने उन्हें पूरी तरह घेर लिया। पहले तो श्री प्रसाद ने डांट-डपट कर सबको एक तरफ होने के लिए कहा लेकिन कोई उनका पांव छूने की कोशिश करने लगा तो कोई पास आने की। काफी प्रयास के बाद भी जब श्री प्रसाद अपनी बात उन तक पहुंचाने में असफल रहे तो उन्हें गुस्सा आ गया। प्रदेश कार्यालय में तकरीबन दस मिनट रुकने के बाद श्री प्रसाद कार्यालय से निकले और आवास के लिए रवाना हो गए। घर पर श्री प्रसाद नगालैंड के चुनाव नतीजों को देखने लगे। उनकी दिलचस्पी इस बात में थी कि वहां उनके दल के उम्मीदवारों का कैसा प्रदर्शन है। टीवी से पता नहीं चल पा रहा था। कंपनी मामलों के केन्द्रीय मंत्री प्रेम गुप्ता ने नगालैंड बात की। फिर उन्होंने श्री प्रसाद को बताया कि नगालैंड की नौ सीटों पर राजद उम्मीदवार दूसरे स्थान पर हैं जबकि दो सीटों पर पार्टी उम्मीदवार कांटे की टक्कर दे रहे हैं। उन्होंने श्री प्रसाद से कहा- यहां छह प्रतिशत वोट मिल जाने की पूरी संभावना है और इसके बाद अपने दल को राष्ट्रीय दल की मान्यता भी मिल जाएगी।

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