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आईएईए से वार्ता पूरी नहीं गिरेगी सरकार

इंटरनेशनल एटोमिक इनर्जी एजेंसी (आईएईए) से भारत की सेफगार्ड समझौता वार्ता पूरी हो गई है। सरकार के लिए अगली चुनौती सेफगार्ड समझौते के मसविदे को वाम-संप्रग की समन्वय समिति में मंजूर कराना होगी। इसके बाद ही सरकार अमेरिका से एटमी करार करने आगे बढ़ सकेगी।ड्ढr ड्ढr माकपा की मांग के अनुरूप जल्द ही समन्वय समिति की बैठक बुलाई जाएगी। विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अगर समन्वय समिति में सेफगार्ड समझौता निरापद पाया जाता है तो भारत झटपट आईएईए से समझौता करेगा और फिर अंतरराष्ट्रीय नियमों में बदलाव करवाने के लिए न्यूक्िलयर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में जाएगा। यदि यह पड़ाव भी योजनानुसार संपन्न हो गया तो भारत न केवल परमाणु ईंधन, बल्कि टेक्नोलॉजी आयात करने पर लगे प्रतिबंध से मुक्त हो जाएगा। भारत को एनएसजी में अमेरिका, फ्रांस और रूस से पूरा समर्थन मिलने का भरोसा है। प्रणव मुखर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि परमाणु करार पर केन्द्र सरकार गिरने नहीं जा रही। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कोई भी पक्ष करार के लिए सरकार को कुर्बान नहीं करने जा रहा।ड्ढr ड्ढr इस बीच माकपा ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता परमाणु करार से रोकना है, सरकार की स्थिरता नहीं। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा, ‘संप्रग सरकार की स्थिरता हमारा एजेंडा नहीं, हम सरकार को एटमी डील करने से रोकनाड्ढr चाहते हैं।’ शीर्ष वाम सूत्रों के अनुसार प्रणव मुखर्जी ने वाम नेतृत्व को भरोसा दिया है कि उनके सहयोग के बिना सरकार परमाणु करार पर आगे नहीं बढ़ेगी। भाकपा महासचिव एबी बर्धन द्वारा प्रधानमंत्री को फैक्स भेजकर सरकार गिराने की धमकी का भी कांग्रेस पर असर हुआ। उधर, बर्धन ने अपनी धमकी को फिर दोहराया। वामदल इस बात से खफा हैं कि प्रधानमंत्री ने जानबूझकर वाम की अनदेखी कर अटल बिहारी वाजपेयी को भीष्म पितामह संबोधित कर एटमी डील पर उनसे सहयोग मांगा।

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