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बगैर स्नातक डिग्री के ही बीएड में नामांकन!

में तुर्की ट्रेनिंग कॉलेज में हुए बीएड के नामांकन में सारे नियमों की जमकर धज्जियां उड़ायी गयीं। मनमाने तरीके एवं वन मैन नीति के तहत डिग्री बांटने का प्रयास किया गया। जांच के दौरान जो बातें सामने आयी हैं उससे विवि के अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। उपयरुक्त बैच में निर्धारित 125 सीट पर कुल 328 छात्रों का नामांकन कर लिया गया। सिगरेट के कागज और नोट पर हस्ताक्षर कर इसके लिए सिफारिश की गयी।ड्ढr ड्ढr यह खुलासा मानव संसाधन विभाग के रिकार्ड से हुआ। नामांकन में धांधली की शिकायत पर विभाग ने जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी। नामांकन में नियम को ताक पर तो रखा ही गया, चौंका देने वाला कारनामा भी किया गया। रिकार्ड के अनुसार कुल अवैध नामांकित छात्रों में 60 से अधिक ऐसे छात्र थे, जिन्हें स्नातक की डिग्री तक नहीं थी। लेकिन सफेदपोश और दबंग दलालों की मिलीभगत से उनका भी नामांकन कर लिया गया। परीक्षा में शामिल होने की इजाजत भी दे दी गयी। रिकार्ड के अनुसार मुजफ्फरपुर समेत कई अन्य जिलों से संपन्न परिवार के युवाआें को दलालों ने अपना ग्राहक बनाया। लाखों का लेनदेन हुआ। तकरीबन 40 छात्रों का फरवरी में नामांकन किया गया और जुलाई माह में उनको कॉलेज से पास कर दिया गया। यानी एक साल के कोर्स को मात्र में पांच-छह माह में पूरा करा लिया गया। रोचक बात यह है कि पूरे विश्वास के साथ तत्कालीन प्राचार्य ने 288 छात्रों को परीक्षा की अनुमति दे दी। सूत्रों के अनुसार इन बातों की जानकारी विवि प्रशासन उच्च न्यायालय को देगा।ड्ढr ड्ढr इस संबंध में कुलसचिव डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि नामांकन के दौरान जमकर गड़बड़ी हुई। लेकिन अभी सवाल यह है कि कॉलेज और विवि से किसने परीक्षाआें का रिकार्ड गायब किया। इसके लिए जांच समिति बनायी गयी है। दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कमिटी की रिपोर्ट पर प्राथमिकी दर्ज की गयी। विवि भी अपने नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करेगा। फोकानिया परीक्षा की उत्तर पुस्तिका व हल प्रश्न पत्र बाजार मेंड्ढr गया (हि.सं.)। बिहार स्टेट मदरसा एजुकेशन बोर्ड द्वारा दस मार्च से आयोजित होने वाली फोकानिया की परीक्षा के शुरू होने के पहले ही उत्तर पुस्तिका एवं प्रश्नों के हल किए उत्तर बाजार में उपलब्ध हो गए हैं। इससे कदाचार मुक्त परीक्षा पर प्रश्नचिह्न् खड़ा हो गया है। बताया गया कि कदाचार मुक्त परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिले में एक मात्र परीक्षा केन्द्र कासमी मिडिल स्कूल में बनाया गया है, जबकि मंत्री प्रेम कुमार ने मदरसा दारूल फुनुन घुघरीटांड़ में भी परीक्षा केन्द्र रखने की मांग बिहार राज्य मदरसा बोर्ड से की थी। उत्तर पुस्तिका एवं प्रश्नों के हल किए गए उत्तर के बारे में पूछे जाने पर बोर्ड के सचिव खुर्शीद आलम, जिला शिक्षा पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ओझा ने बताया कि अगर इस तरह के मामले आएंगे तो उसकी जांच की जाएगी ।

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