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विधि के छात्रों का भविष्य अधर में

मगध विवि के कॉलेज ऑफ कामर्स व नालंदा कॉलेज के छात्रों का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा है। जहां एक तरफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के कारण विधि स्नातक द्वितीय व तृतीय खंड की परीक्षाएं बाधित हो रही हैं, वहीं छात्रों में डर है कि कहीं यह साल भी बर्बाद न हो जाए। इन छात्रों का कहना है कि शनिवार को हुई घटना के पीछे कॉलेज प्रशासन का भी हाथ है। अगर कॉलेज प्रशासन सशक्त रूप से परीक्षा लेने का प्रयास करता तो निश्चित रूप से परीक्षा का संचालन होता।ड्ढr ड्ढr छात्रों का कहना है कि 2005 में होनेवाली अंतिम परीक्षा इस साल आयोजित हो रही है। वहीं नकल की मांग का आरोप लगाकर हमें परीक्षा से वंचित किया जा रहा है। इन छात्रों का कहना है कि टीपीएस कॉलेज प्रशासन को हमलोगों की परीक्षा ही नहीं लेना चाहता। छात्रों ने मगध विवि के कुलपति से मांग की है कि उनका परीक्षा केंद्र बदल दिया जाए। इन छात्रों का कहना है कि जब टीपीएस कॉलेज के शिक्षक व प्राचार्य भी चाहते हैं कि यहां से परीक्षा केंद्र हटा दिया जाए तो मगध विवि प्रशासन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। दूसरी तरफ इन परीक्षार्थियों के अपने कॉलेज कॉलेज ऑफ कॉमर्स द्वारा भी किसी प्रकार की सहायता नहीं की जा रही है। वहीं मगध विवि प्रशासन ने भी इस संबंध में कुछ भी तय करने से मना कर दिया है। विधि के अरुण कुमार, प्रशांत सिन्हा, सुनीता कुमारी, श्वेता कुमारी, सुनीता सिन्हा समेत दर्जनों परीक्षार्थियों का कहना है कि शनिवार को परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी गयी जिसके बाद हंगामा हुआ।

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