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कांग्रेस को छोड़ वीणा जदयू में गईं

पूर्व मंत्री वीणा शाही ने प्रदेश कांग्रस नेतृत्व पर टिकट बांटने में रुपयों के भारी लेन-देन के आरोप लगाये हैं। बिहार के पुराने कांग्रसी दिग्गज एल.पी.शाही की पुत्रवधु और पूर्व मंत्री श्रीमती शाही शनिवार को कांग्रस से नाता तोड़कर जदयू में शामिल हो गयी। पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रस अध्यक्ष अनिल शर्मा और बिहार के प्रभारी सरदार इकबाल सिंह ने उनके एक परिचित से दस लाख रुपये लिये जिसे लोकसभा चुनाव में बिहार की एक सीट से टिकट भी मिल गया है।ड्ढr ड्ढr श्रीमती शाही ने कहा कि कांग्रस के पास खुद को साबित करने का मौका था लेकिन अनिल शर्मा और इकबाल सिंह की जोड़ी ने सबकुछ बर्बाद कर दिया। पार्टी आलाकमान ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय किया तो दोनों ने अपनी दुकान खोल ली। कई लोगों से पैसे लेकर टिकट बांटे गये। समर्पित कांग्रेसियों की उपेक्षा करके साधु यादव की टीम को सात-आठ टिकट दे दिये गये। बिहार में कांग्रस की फजीहत कराने का दोष राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी जायेगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने नवादा, मुजफ्फरपुर, वैशाली और मुंगेर किसी एक सीट से उम्मीदवारी के लिए आवेदन दिया था जिसे उनलोगों ने खारिज किया जिनकी अपनी जमीन ही नहीं है। शर्मा की दो-दो बार जमानत जब्त हो चुकी है जबकि इकबाल को इस राज्य की सीमाओं का भी ज्ञान नहीं है।ड्ढr ड्ढr श्रीमती शाही के साथ जहानाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष कमला देवी, राजद नेता डॉ. चन्द्रिका प्रसाद यादव, छात्र राजद क पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र प्रसाद और जहानाबाद राजद की कश्मीरी बेगम भी अपने समर्थकों के साथ जदयू में शामिल हुई। इस मौके पर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद शिवानन्द तिवारी और विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू भी मौजूद थे।

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