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बिहार अच्छा बन सकता तो झारखंड क्यों नहीं: नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले झारखंड अच्छा था, अब बिहार। दो साल में स्थितियां पलट गयीं। जब बिहार अच्छा बन सकता है तो झारखंड क्यों नहीं! यहां तो प्रचुर प्राकृतिक संपदा है। पर इसके लिए ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में बिहारियों के खिलाफ हो रहे विषवमन पर केन्द्र सरकार की चुप्पी रहस्मय है।ड्ढr ड्ढr इससे लगता है कि इस पूरे साजिश के पीछे कांग्रेस का हाथ है। बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा के साथ सीटों के तालमेल पर उन्होंने कहा कि यह सब पहले से ही तय है और इसे लेकर कोई मतभेद नहीं है। देश की कोयला राजधानी धनबाद के कोहिनूर मैदान में रविवार को प्रदेश जदयू की झारखंड बचाओ महारैली को संबोधि त करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि झारखंड गठन के साथ यहां सड़कों का कायाकल्प हो गया था। हम लोग मजाक करते थे कि झारखंड से गाड़ी में चलिये और जब हचका आने लगे तो समझिये बिहार आ गया। मगर अब कहा जा रहा है कि पटना से आंख बंद कर चलिये और जब हचका आने लगे तो समझिये झारखंड आ गया। उन्होंने कहा कि बिहार में आज अपहरण की घटनाआें में काफी कमी आयी है। कानून का राज कायम हुआ है। पटना में पहले लोग शाम ढलने के बाद परिवार के साथ बाहर नहीं निकलते थे। पर अब देर रात तक चहल-पहल रहती है। यहां तक कि जहानाबाद और अरवल जैसे कस्बाई इलाके से लोग देर रात जरूरत पड़ने पर पटना के लिए निकलते हैं। लोगों के मन से भय दूर हुआ है। बिहार छोड़ कर गये लोग तो आ ही रहे हैं बाहर के लोग भी आना चाहते हैं। साम्प्रदायिक सद्भाव कायम है। ढाई साल में एक भी दंगा-फसाद नहीं हुआ है।ड्ढr ड्ढr जब बिहार बदल सकता है तो झारखंड क्यों नहीं। पार्टी को इसके लिए संघर्ष करना चाहिए। झारखंड को उन्नत राज्य बनाने में वह साथ देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भले राज्य बंट गया, लेकिन अपनापन नहीं गया है। यह मैदान और यहां के लोग उनके जाने-पहचाने हैं। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि राजद, कांग्रेस और झामुमो ने एक निर्दलीय को मुख्यमंत्री बनाकर खुशहाल झारखंड का सपना चूर कर दिया। आज बिहार पटरी पर है, वहां कानून का राज है। पर झारखंड में भूख, बेरोजगारी, गरीबी और नक्सलवाद का बोलबाला है। यहां सबसे ज्यादा खनिज सम्पदा है, लेकिन न बिजली है, न पानी और न ही सड़क। जब तक मुख्यमंत्री मधु कोड़ा नहीं निकालेंगे तब तक झारखंड की तबाही और बर्बादी बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जब एक बस के चार-पांच ड्राइवर हों तो हादसा तय है। झारखंड के पांचों विधायक को नसीहत देते हुए श्री यादव ने कहा कि अनुशासन के साथ चलिये, जमात बनाइये और प्यार-मोहब्बत कायम कीजिये तो झारखंड में तबाही रुक सकती है। झारखंड के विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि कोड़ा का मुख्यमंत्री बनना संसदीय लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। विधायक दल के नेता रमेश सिंह मुंडा ने कहा कि हम भी झारखंड को बिहार की तरह खुशहाल बनायेंगे। बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य पैसे से नहीं, नेतृत्व से बनता है। बंटवारे के समय बिहार को 1800 करोड़ मिला था, आज यह साढ़े पांच हजार करोड़ हो गया है। पूर्व मंत्री मधु सिंह, पूर्व विधायक दशरथ सिंह भी इस मौके पर उपस्थित थे। संचालन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो ने किया। कड़ी धूप के बावजूद रैली में आये लोग डटे रहे।

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