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बख्शे न जाएं क्षेत्रवाद फैलाने वाले: सोनिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हुए हमलों पर गंभीर चिन्ता व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि देश में धार्मिक और क्षेत्रीय आधार पर भेदभाव करनेवालों के प्रति सख्ती से निपटा जाना चाहिए। श्रीमती गांधी ने यहां रामलीला मैदान पर पार्टी द्वारा आयोजित एक विशाल रैली में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना द्वारा पिछले दिनों उत्तर भारतीयों के खिलाफ किए गए हमलों और शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के भड़काने वाले बयानों का सीधे उल्लेख किए बिना कहा कि धार्मिक तथा क्षेत्रीय आधार पर भेदभाव करनेवालों के प्रति नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि देश सबका है और किसी भी नागरिक को किसी भी हिस्से में रहने का पूरा अधिकार है और उनके जान-माल की रक्षा करना सबकी जिम्मेदारी है। भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि देश में आतंकवाद की चुनौती से निपटने के मामले में उनकी पार्टी को पूर्व उपप्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है जिनके शासन काल में लालकिला, संसद भवन, अक्षरधाम, रघुनाथ मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर आतंकवादी हमले हुए और आतंकवादियों को मेहमाननवाजी करते हुए उन्हें कंधार पहुंचाया गया। आडवाणी का सीधा नाम नहीं लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा के उसी वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर संसद में आतंकवाद को लेकर आरोप लगाए। आतंकवाद की चुनौती को देश के विकास और प्रगति में बाधक बताते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि सरकार सख्ती से उसका मुकाबला कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमारे विरोधी लाख कोशिश करें, लाख अफवाहे फैलाए, संप्रग पर गलत इलजाम लगाए,हमें इसकी परवाह नहीं है। हमारी संप्रग सरकार प्रगति की राह पर चल रही है। किसानों की खराब हालत के लिए पिछली भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को दोषी करार देते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि अगर किसान काफी समय से परेशान है,दुखी है,तो उसकी एक ही वजह है और वह है पिछली राजग सरकार की नीतियां। मनमोहन सरकार द्वारा पिछले चार वषर्ो में किसानों के हित के लिए उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि फिर भी कुछ लोग हमारी आलोचना करते है और कहते है कि हमें किसानों की परवाह नही है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि यह तो उल्टा चोर कोतवाल को डाटे जैसी बात है। भाजपा पर घड़ियाली आंसू बहाने का आरोप लगाते हुए श्रीमती गांधी ने सवाल किया कि उसने अपने शासनकाल में किसानों के लिए क्या किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की अगर किसी को सचमुच चिन्ता है तो वह कांग्रेस पार्टी और संप्रग सरकार को है। इस बजट में किसानों के 60 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने के सरकार के फैसले को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि इससे चार करोड़ किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। खासतौर से छोटे और मध्यम किसानों को राहत तो मिलेगी ही उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्हांेने कहा कि सारा देश किसानों का ऋणी है। उनका कर्ज चुकाना हमारा फर्ज है। अगर कृषि क्षेत्र में प्रगति नहीं हुई तो देश प्रगति नहीं कर सकता। इसे ध्यान में रखते हुए संप्रग सरकार ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल में किसानों के लिए सस्ते दर पर ऋण,पिछडे क्षेत्रों के लिए खास पैकेज, 25 हजार करोड़ रुपए का राष्ट्रीय कृषि विकास कोष उपलब्ध कराया और गेंहू तथा धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की। महंगाई का उल्लेख करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह सबकी समस्या है और इससे निपटने के लिए सरकार अथक प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण भी हैं। पेट्रोल डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कारणों से बढ़ानी पडती हैं इसके बावजूद सरकार ने मिट्टी के तेल के दाम नहीं बढ़ने दिए है। संप्रग सरकार की उपलब्धियों और बजट के लिए प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें सभी वगर्ों के हितों का ध्यान रखा गया है। संप्रग सरकार विकास का लाभ सभी वगर्ों खासतौर से गरीब आदमी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि यह योजना देश के सभी जिलों में लागू की जा रही है जिससे गरीब,कमजोर और बेरोजगार लोगो को मदद मिलेगी। उन्होंने बजट में महिलाआें,अनुसूचित जातियों, अनुसुचित जनजातियों तथा अल्पसंख्यकों के लिए किए गए विशेष प्रावधनों को उचित बताया। रैली का आयोजन कांग्रेस पार्टी ने बजट में किसानों के 60 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने और सभी वगर्ों के हित में उठाए गए कदमों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए किया था।

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