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वर्दी का एक चेहरा ऐसा भी!

वर्दी पहननेवालों के दिलों में भी दया और प्यार का जज्बा है, यह बात एक बार फिर साबित हुई है। गांेदा थाना में पदस्थापित सिपाही अवधेश कुमार मिश्रा ने एक मासूम को नयी जिंदगी दी है। उन्होंने दो साल पूर्व झाड़ियों में पड़े 10 माह के एक मासूम को न सिर्फ गले से लगाया, बल्कि अल्सर की वजह से खराब हो चुकी एक आंख में नयी रोशनी भी दिलायी। अब यह बालक पूरे दो साल का हो गया है। बालक फिलवक्त बरियातू स्थित करुणा निवेदिता आश्रम में है और उसकी देखरेख संस्था का संचालन करनेवाले चिकित्सक कर रहे हैं। पुलिस की व्यस्त डय़ूटी की वजह से दो साल तक सीने से चिपका कर रखे बालक को अवधेश ने आश्रम में भेज दिया। दो साल तक उन्होंने न सिर्फ बालक की सेवा की और आंख के इलाज के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से लेकर सीएम तक से गुहार लगायी। लगातार प्रयास के बाद सरकार की आेर से मिली सहायता की बदौलत बालक की एक आंख का प्रत्यारोपण किया गया। उसकी एक आंख की रोशनी नेत्र विशेषज्ञ डॉ भारती कश्यप के प्रयास से लौटी। 15 दिसंबर 2006 को न्यू पुलिस लाइन मार्ग पर झाड़ी में फेंके बालक के रोने की आवाज सुन कर सिपाही अवधेश वहां पहुंचे। इसके बाद उनकी आंखों की हालत देख उनका मन व्यथित हो गया। चिकित्सकों से संपर्क के बाद बालक की आंखों की बीमारी का पता चला। अवधेश सिंह को सीएम ने प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया है। के मनुष्यता की सराहना की है,

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