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आइएसएम-गमगीन माहौल और आंखों में झर-झर आंसू

गमगीन माहौल..खामोश जुबां और आंखों में आंसू । यह मातमी दृश्य रविवार को आइएसएम परिसर का था। दो छात्रों का शव और सामने उनके माता-पिता । सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि दृश्य कितना दर्दनाक होगा। जिन लाड़लों को गोद में खेलाया, बड़ा किया और माइंनिग इंजीनियर बनाने का सपना संजोया..अब उनके शव सामने पड़े हुए थे। आइएसएमयू के दोनों छात्र, जिनकी मौत शनिवार को दामोदर में डूबने से हो गयी थी, का शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार को संस्थान परिसर में लाया गया था। सैंकड़ों उदास चेहरों ने दोनों को श्रद्धांजलि दी। मृत छात्रों के परिजन की हालत ‘काटो तो खून नहीं’ जैसी थी। कुमार सत्यम के पिता जयप्रकाश सिंह एवं छोटी बहन तथा अमित प्रकाश के माता एवं पिता समेत कई परिजन आये थे। सभी पछाड़ खा-खा कर रो रहे थे। अमित के पिता सत्य प्रकाश वर्मा शव को देख रूंधे गले से इतना ही बोल पाये कि कि सोचा भी नहीं था कि बेटे को इस हाल में देखेंगे। बहुत उम्मीद थी। मां कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी। वहीं सत्यम की बहन भाई के वियोग में काफी विचलित हो गयी। बार-बार भाई का शव निहारती और फिर अपने पिता का चेहरा देखती। व्यथित परिजनों को संस्थान के छात्रों ने सहारा दिया एवं हिम्मत बंधाया।

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