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..तो कितने नंबर के आदमी हैं आप?

ल्हे शाम की तो बात है। रामलुभावन चचा एकदमे गंभीर मुद्रा में मुंगेरी होटल में चाह की चुस्की ले रहे थे। उनका चेहरवा देख के लग रहा था कि मामला कुछ गड़बड़ है। हो सकता है घरवा में रसोई गैस चाहे सब्जी-उब्जी समय से नहीं पहुंचाये होंगे, तो चाची ने दे दी होगी झिड़की। पर मुंगेरी होटल में बैठ कर कोई चुपचाप चाह पीये और चला जाये, ऐसा कभी हुआ ही नहीं। चचा अभी चाह का दूए-चार घोंट पीये होंगे कि एक जनाब उहां पहुंच गये। पूरा इंडियन स्टाइल में झुक के चचा को प्रणाम किये और पूछ बैठे, महोदय आप कितने नंबर के हैं? चचा अचकचा गये, साठा होके पाठा हो गये हैं। ई उमर में शादियो-बियाह नहीं होगा कि कोई पूछे, ‘आप अपने भाई-बहनों में कितने नंबर पर हैं?’ आदमी हैं, गाड़ियो-मोटर नहीं हैं कि कोई नंबर चिपकाना जरूरी है। चचा की चिंतन मुद्रा को देखते हुए सामनेवाले जनाब ने मुस्कान बिखेरते हुए कहा, ‘हमको लगा कि आप दो नंबर के आदमी हैं, इसलिए पूछ लिये। आपसे कुछ बात करनी है।’ अब चचा खड़े उखड़ गये। चाह का गिलास पटकर कहने लगे, ‘का बतियाइयेगा आप? आपको तो बात करने का तमीजे नहीं है। शहर का सीनियर सीटिजन हैं हम। अखबरवो वाला मेरा नाम लिखता है, तो साथ में चचा लिखता है। ई इज्जत है मेरा, आउर आप हमको दू नंबर का आदमी कह रहे हैं।’ सामनेवाला बेचारा हक्का-बक्का रह गया। चारों तरफ भीड़ को अइसे देखा जइसे बकरा कसाई को देखता है। मिमियाते हुए कहने लगा, ‘बात अइसा है कि हम भी दुइये नंबर का आदमी हैं। मतलब वार्ड नं. दो का। नगर पंचायत चुनाव में वार्ड कमिश्नर के लिए खड़ा हुए हैं, इसीलिए चचा से पूछ रहे थे।’ लेकिन चचा बोलने-बतियाने का मूड में नहीं थे, इधर भीड़ भी मामला को समझकर हंसी-मजाक का मूड में आ गयी थी, उम्मीदवार महोदय तुरते रस्सी तुड़ा कर भागे बकरे की तरह गायब हो गये। चुनाव का कमान संभालने वाले आला हुजूर लोग से उस्ताद का कहना है कि इ नंबर गेम वाला मामला में गड़बड़ का भारी गुंजाइश है। एक नंबर वार्ड का आदमी तो खुशे रहेगा। दो नंबर के बारे में आप जान गये। तेरह नंबर भी गड़बड़ है। इ नंबर को याद करते ही अपने वाजपेयी जी याद आ जाते हैं। एगो आउर नंबर है, पता नहीं उसको लोग काहे मजाके वाला नंबर बना दिया है। लेकिन का कीजियेगा? नंबर के बिना कामो तो नहीं चलेगा। चुनाव होगा, तो वार्ड भी होगा, वार्ड होगा तो नंबर भी होबे करेगा। रामलुभावन चचा जैसा स्थिति नहीं हो, इसलिए मतदाता लोग से अपील है कि अपना नंबर, सॉरी..सॉरी.., अपना वार्ड नंबर बौलडली लिख कर कपड़ा में पिन मार दें। अगर उम्मीदवार से बचना होगा, तो छह नंबर को विशेष फायदा होगा। नंबर को उलट देंगे, तो नंबर नौ हो जायेगा। अइसहीं नौ का छह भी किया जा सकता है।ड्ढr

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