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मस्ती बोले तो..धौनी स्टाइल

धौनी को आप बंधनों में नहीं बांध सकते। मैदान पर उनका मस्तमौला अंदाज यही साबित करता है। तीन माह के अंतराल के बाद क्रिकेट से बेफिक्र हो वह रांची तो आये, लेकिन उन्हें मिली जेड श्रेणी सुरक्षा व्यवस्था ने मानो उनके पैरों में बेड़ियां डाल दीं। दो दिन में ही धौनी इतना ऊब गये कि उन्होंने इससे निजात का तरीका निकाल लिया। आधा दिन तक बिल्कुल अकेले हर्ले डेविडसन बाइक पर बैठ उन्होंने रांची की सड़कों में मुक्त विचरण किया और अपनी आजादी का मजा लिया। हुआ यह कि धौनी ने अपनी सुरक्षा में तैनात दस्ते से रविवार को दिन के 11 बजे आने को कहा। शायद उन्होंने पहले ही योजना बना रखी थी। पौने नौ बजे धौनी ने अपनी नयी मोटरसाइकिल निकाली और फुर्र हो गये। हालांकि घर के बाहर हमेशा तैनात रहनेवाले सुरक्षाकर्मियों ने उनसे कुछ कहना चाहा, लेकिन हिम्मत नहीं हुई। घर के पीछे से होते हुए वह सैटेलाइट कालोनी और एचइसी टाउनशिप की तरफ निकल गये। अब धौनी थे और उनकी हर्ले डेविडसन। एचइसी की सड़कों पर उन्होंने जीभरके मोटरसाइकिल घुमायी। लंबी चौड़ी मोटरसाइकिल पर धौनी दूर से ही पहचाने जा रहे थे। कई बार उनके प्रशंसकों ने उनका पीछा करने की कोशिश की पर वह हाथ न आये। डेढ़ घंटे तक वह अकेले सवारी करते रहे। मन भरा तो लौटने लगे। लेकिन फिर क्या सूझी कि अपने बचपन के दोस्त चित्तू के घर का रुख कर लिया। वहां उन्हें वीडियो गेम खेलने की इच्छा हुई, तो वह भी पूरी की। इस बीच धौनी के थाना क्षेत्र के इंस्पेक्टर दीपक अंबष्ट को सूचना मिली तो वह पता करते हुए भागे-भागे चित्तू का घर ढूंढ़ते हुए पहुंचे। मीडियाकर्मियों को भी सूचना मिली, तो वह भी वहां पहुंचे। उधर, चित्तू के घर के बाहर भी लोग जमा हो गये। धौनी की बाइक पर चढ़कर बच्चे फोटो खिंचवा रहे थे। माता-पिता घर से कैमरे और मोबाइल लेकर आ रहे थे और अपने बच्चों की फोटो खींच रहे थे। एक घंटे के बाद धौनी निकले और घर पहुंच गये। हां इस बार उन्हें लेने पहुंचे सुरक्षाकर्मियों और जीजा गौतम गुप्ता उन्हें घर लेकर आये।

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