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राजस्थानी कलाकारों ने बांधा समा

राजस्थान के लांगा व मंगनियार शैली के कलाकारों ने शनिवार की शाम बीन, मोरचंग, ढोलक और नखलिस्तानी तान से पटनावासियों के दिलों के तार झंकृत कर दिए। पधारो म्हारो देस, कागा.मेर दो नैना मत खइजो पिया मिलन की आस और भवई नृत्य पर सब झूमते रहे।ड्ढr ड्ढr मौका था स्पिक मैके, बिहार चैप्टर के डीपीएस स्कूल में दो दिवसीय अधिवेशन के मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का। इस मौके पर राज्यसभा के उपाध्यक्ष के रहमान , डीपीएस के संजीव कुमार, स्पिक मैके के संस्थापक डा. किरण सेठ, डा. माया शंकर, प्राचार्य नम्रता प्रसाद, सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। रोजे खां ग्रुप की सीमा सपेरा के भवई नृत्य में गजब का संतुलन दिखा। उन्होंने एक साथ सात घड़े सिर पर लेकर जब तलवार पर डांस किया तो सब हैरत में पड़ गए। मोरचंग व तबले पर राजशेखर की युगलबंदी आकर्षण रही। इस मौके पर डा. किरण सेठ, चेतना, रणजीत निगरुणी, हर्ष नारायण व यशवंत ने बताया कि विश्व नृत्य दिवस (2अप्रैल) के अवसर पर 17 से 25 अप्रैल के बीच पटना सहित आधे दर्जन शहरों में कथक गुरु बिरजू महाराज की शिष्या महुआ शंकर का नृत्य होगा। साथ ही अगस्त महीने से मार्च के बीच विरासत का आयोजन होगा। इस दौरान बिहार, झारखंड में करीब सौ कार्यक्रम होंगे। इस दौरान खयाल गायिका अश्विनी भिड़े, शहनाईवादक संजीव शंकर, ध्रुपद गायक उदय पावलंकर की प्रस्तुति होगी। पं. हरि प्रसाद चौरसिया इसका उद्घाटन करंगे। उनके अनुसार स्पिक मैके का राष्ट्रीय अधिवेश 24 से 2मई तक तिरुवनंतपुरम में होगा।

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