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आईओसी को पारादीप रिफाइनरी में होगा नुकसान

आम बजट में नई रिफाइनरियों की कमीशनिंग पर कर छूट को वापस लेने के प्रस्ताव से इंडियन आयल कार्पोरेशन (आईओसी) को विशेष रूप से उड़ीसा स्थित पारादीप रिफाइनरी में नुकसान होगा। पानीपत स्थित कंपनी की रिफाइनरी इस प्रस्ताव से अपेक्षाकृत प्रभावित नहीं होगी। आईओसी के अध्यक्ष सार्थक बहुरिया ने बताया कि उड़ीसा स्थित पारादीप रिफाइनरी व पेट्रोकैमिकल प्लांट, जिसकी वार्षिक क्षमता डेढ़ करोड़ टन की है, उसमें निवेशित पूंजी पर रिटर्न की दर में डेढ़ से दो प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। कंपनी के सूत्रों ने बताया कि इस कर छूट के समाप्त होने से पांच हजार करोड़ रुपये तक का फर्क पड़ सकता है। गौरतलब है कि आम बजट 2008-0में नए तेल कारखानों को जोकि 200े अप्रैल महीने के बाद कमीशन होंगे, उन्हें कर में छूट नही मिलने की बात कही गई है। श्री बहुरिया के अनुसार, पारादीप रिफाइनरी के निवेश प्रस्ताव पर अगले दो से तीन महीनों में अंतिम फैसला हो जाने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, तेल रिफाइनरियों के लिए कर छूट समाप्त हो जाने से न केवल आईओसी को बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य कंपनियों, हाल के दिनों में हुए एल एन मित्तल और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के बीच हुए गुरु गोविंद सिंह रिफाइनरी तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है। अभी पिछले ही दिनों पंजाब के भटिंडा स्थित 15, 700 करोड़ रुपये की लागत वाली एचपीसीएल रिफाइनरी में 4प्रतिशत हिस्सेदारी 3,365 करोड़ रुपये में खरीदने की बाबत एक साझीदारी समझौता हुआ है जिसके अनुसार मित्तल इन्वेस्टमेंट सार्ल तथा एचपीसीएल दोनों की 4प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। शेष दो प्रतिशत हिस्सेदारी की पेशकश वित्तीय संस्थानों को की जाएगी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने मित्तल इन्वेस्टमेंट सार्ल को हिस्सेदारी खरीदने के लिए परियोजना विशिष्ट मंजूरी दे रखी है। दोनों कंपनियों के बीच बनी सहमति के आधार पर गुरु गोविंद सिंह रिफाइनरी लिमिटेड के नाम से यह संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। देश के तेल शोधन क्षेत्र में यह पहला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश माना जाता है। पारादीप रिफाइनरी पर प्रभाव पड़ने की आशंका इसलिए है क्योंकि इसका कमीशन 2011-2012 के आसपास होगा। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां सरकार से पहले ही कर छूट जारी रखने की गुजारिश कर चुकी हैं। इन कंपनियों ने कर अदा करने में मिली छूट जारी रखने का आग्रह करते हुए कहा है कि इसे वापस लेने से कंपनियों के तेल खोज अभियान और उत्पादन संबंधी गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इन कंपनियों का मानना है कि कर छूट खत्म करने से नए तेल शोधन कारखाने स्थापित करने का काम प्रभावित होगा।

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  • Web Title: आईओसी को पारादीप रिफाइनरी में होगा नुकसान