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‘दिल से मांगी मन्नत बतायी नहीं जाती’

ऑस्ट्रेलिया का पूरा दौरा आरोप-प्रत्यारोप से भरा रहा है। अगर सीए ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से भज्जी के बारे में कोई शिकायत की है तो यह भी उसी कड़ी का एक अंग है। इस पर बोर्ड को क्या निर्णय लेना है, यह मैं कैसे कह सकता हूं। बीसीसीआई का निर्णय सवर्ोपरि होता है। उपरोक्त बातें भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सोमवार को रजरप्पा में कहीं। इससे पूर्व उन्होंने प्रसिद्ध शक्ितपीठ मां छिन्नमस्तिका मंदिर में जाकर मां की पूजा-अर्चना की। उनके साथ मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी व पूर्व गृह मंत्री सुदेश महतो भी थे। यह पूछने पर कि क्या आप भारतीय टीम के खिलाड़ियों को यहां पूजा कराने के लिए लायेंगे? उन्होंने कहा कि खेल व प्रैक्िटस से समय कहां मिलता है। अगर खेल व प्रैक्िटस के बीच समय मिलेगा तो वे अवश्य भारतीय टीम के खिलाड़ियों को पूजा के लिए रजरप्पा लेकर आयेंगे। उन्होंने पूछे जाने पर कहा कि मैंने पिछले दौरे में कहा था कि विश्व कप के बाद विवाह करूंगा, परंतु कौन से विश्व कप के बाद, ये नहीं कहा था। पत्रकारों ने जब पूछा कि मां छिन्नमस्तिका से आपने क्या मांगा? इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि मां से दिल से मांगी गयी मन्नत किसी को बतायी नहीं जाती परंतु इतना जरूर बताना चाहूंगा कि भारतीय टीम के खेल और देश के विकास के लिए मैंने मां से मन्नत भी मांगी है। धोनी अपराह्न् एक बजे के लगभग पूर्व गृह मंत्री सुदेश महतो व मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी के साथ सुरक्षा व्यवस्था के बीच रजरप्पा मंदिर पहुंचे। मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा असीम पंडा ने करवाई। मंदिर पहुंचने पर हजारों लोगों ने धोनी जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इस दौरान भीड़ नियंत्रित करने को पुलिस ने हल्का बल भी प्रयोग किया। ‘आखिर नक्सली मुझे क्यों मारेंगे’ अजय कुकरेती रांची । महेंद्र सिंह धोनी उन्हें मिली सुरक्षा से परेशान हैं। सदैव स्वच्छंद घूमनेवाले माही, पहले की तरह उन्मुक्त विचरण करना चाहते हैं। धोनी ने कहा- मुझे आखिर उग्रवादियों से क्या खतरा हो सकता है? नक्सली मुझे क्यों नुकसान पहुंचायेंगे? उल्लेखनीय है कि रविवार की सुबह ही माही ने अपने सुरक्षा दस्ते को ‘डॉज’ देकर दो घंटे तक अकेले तफरीह की थी। उनके इस कदम से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। छत्तीसगढ़ में धोनी को धमकी देने से संबंधित खबर के प्रकाशन के बाद झारखंड सरकार ने धोनी को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करायी है। धोनी ने स्वीकार किया कि उनकी मां और बड़ी बहन हमेशा उसे इस बात के लिए सतर्क करते हैं कि सुरक्षा की अवहेलना मत करो। लेकिन उन्हें नहीं लगता कि उन्हें कोई खतरा है। रांची में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के संबंध में धोनी ने कहा कि उन्हें रांची में ज्यादा समय गुजारने का समय नहीं मिलता। लेकिन वह इस योजना पर जरूर अमल करेंगे। रांची में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को लाकर मैच कराने के बारे में भी धोनी ने कहा कि यह भी जल्दी ही होगा।

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