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महाराष्ट्र में मायावती के खिलाफ दलितों का फ्रंट

महाराष्ट्र में मायावती की सोशल इंजीनियिरग का चमत्कार रोकने के लिए बिखरी दलित पार्टियों ने रिपब्लिकन बहुजन फ्रंट बनाया है। फ्रंट को मजबूत करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी के नेता रामदास आठवले और बिहार के राज्यपाल आरस गवई के पुत्र राजेंद्र गवई ने हाथ मिला लिया है। इधर मनसे सूत्रों का कहना है अगले चुनाव में मायावती की ताकत को देखते हुए राज ठाकरे उनसे चुनावी गठबंधन कर सकते हैं। मुंबई जिमखाना में रविवार को दलित पार्टियों की बैठक हुई जहां उनमें बिखराव साफ दिखा। मगर दलित नेताओं का कहना है कि एक पहल के तौर पर फ्रंट बना है और काफी सकारात्मक रुख भी दिखा है। राजनीतिक दृष्टि से यह फ्रंट काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें दो बड़े गुट एक साथ आए हैं। प्रयोगवादी आठवले गुट और गवई गुट का महाराष्ट्र में अच्छा-खासा जनाधार है। फिलहाल आठवले ने राकांपा और गवई ने कांग्रेस का दामन थाम रखा है। अब प्रकाश आंबेडकर, जोगेंद्र कवाड़े, सुलेखा कुंभारे जैसे नेताओं के नेतृत्व वाली पार्टियों के अलावा अन्य दलित व अल्पसंख्यक पार्टियों को भी इस फ्रंट से जोड़ने की कवायद की जा रही है। हालांकि प्रदेश के बिखरे दलितों को एक मंच पर लाने के प्रयास पहले भी हुए हैं। लेकिन नेतृत्व के सवाल पर दलित नेता एकमत नहीं हो पाए थे। बसपा को रोकने के लिए रिपब्लिकन दल तो एकजुट हो रहे हैं लेकिन आंबेडकर गुट के साथ न होने से अटकलों का बाजार गर्म है। बहरहाल, फ्रंट की स्थापना के लिए हुई बैठक में अवामी दल, वंदेमातरम सेना, मुंबई मुस्लिम फ्रंट, विमुक्त भटके जमाति संघ, परिवर्तन कला महासंघ के नेता उपस्थित थे।

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  • Web Title: महाराष्ट्र में मायावती के खिलाफ दलितों का फ्रंट