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अथाह पैसा..पॉलिथीन का प्रयोग.. बने नरक के वाहक

अब अमीरों के सावधान होने की बारी है । इस बार न तो उन्हें इनकम टैक्स से खतरा है और न ही कोई अंडरवर्ल्ड सरगना उन पर पिस्तौल लगाने की तैयारी कर रहा है। उन्हें खतरा है मृत्यु के बाद नरक में जाने का, क्योंकि वेटिकन ने अथाह संपत्ति को अब पाप की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। वेटिकन की पापों की नई सूची में न केवल बहुत अधिक संपदा अर्जित करना शामिल है बल्कि इसमें पर्यावरण को प्रदूषित करना, ऐसी पॉलिथीन का प्रयोग करना जिनका प्रसंस्करण न हो सके और नशीली दवाआें का प्रयोग भी शुमार है। पोप के करीबी और रोमन क्यूरिया की मुख्य कोर्ट में से एक एपोस्टोलिक पैनीटेन्टियरी, मॉनसिगनर गियानफ्रैंको गिरोटी ने यह घोषणा की। गिरोटी ने कहा कि बीते साल पाप की श्रेणी में लालच, ईष्र्या, घमंड और धोखा देना जैसी बातें शामिल थीं, जो जनहित नहीं बल्कि व्यक्ितगत हितों पर प्रभाव डालती थीं। इस बार जो सात पाप निर्धारित किए गए हैं उन्हें इस आधार पर तय किया गया है कि व्यक्ित को यह अहसास हो कि उसके बर्ताव से कितने लोगों का नुकसान हो सकता है। गिरोटी ने कहा, मनुष्यों में जीन संवर्धन (जीएम) संबंधी प्रयोग और वातावरण प्रदूषित करना जैसी बातें समाज के साथ अन्याय हैं। इसी तरह किसी एक व्यक्ित का बहुत अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का सीधा अर्थ है कि वह कई लोगों की गरीबी का जिम्मेदार है। इसके अलावा, नशीले पदार्थ का सेवन भी समाज विरोधी होने के कारण पाप की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि अब जो बातें पाप की श्रेणी में रखी गई हैं उनके व्यक्ितगत के साथ ही सामाजिक सरोकार हैं। पापों की यह सूची वेटिकन के अखबार लोजरवेट्रो रोमानो में छपी है। इसमें पोप ने यह भी माना है कि पाप के प्रति इंसान का भय कम हो रहा है। अब बहुत कम ही लोग चर्च में कनफेशन के लिए आते हैं।

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  • Web Title: वेटिकन ने जारी की पाप की नई सूची