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वृशिण के खिलाफ विशेषाधिकार का प्रस्ताव खारिज

मानव संसाधन विकास मंत्री वृशिण पटेल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव को विधानसभाध्यक्ष ने खारिज कर दिया। सदन में यह प्रस्ताव निर्दलीय सदस्य किशोर कुमार मुन्ना ने रखा था। इसको खारिज करने के बाद सदन में खूब हंगामा हुआ और निर्दलीय समेत संपूर्ण विपक्ष ने सदन से बहिगर्मन किया।ड्ढr ड्ढr हालांकि थोड़ी देर के बाद राजद के सदस्य सदन में वापस लौट आए। श्री मुन्ना का कहना था कि मानव संसाधन विकास मंत्री ने शुक्रवार को अपने भाषण के दौरान एक मुहावरे का प्रयोग किया जिससे सदन के सदस्यों की मर्यादा भंग हुई है। विधानसभाध्यक्ष का कहना था कि मंत्री के भाषण से मुहावरे का वह अंश सदन की कार्रवाई से निकाल दिया गया हैड्ढr इसलिए मामला विशेषाधिकार का नहीं बनता है। इसके बाद किशोर कुमार मुन्ना कुछ कहते हुए वेल में चले आए लेकिन अध्यक्ष ने उन्हें अपनी सीट पर जाने को कहा। इसी दौरान निर्दलीय हरिभूषण ठाकुर, लोजपा के महेश्वर प्रसाद सिंह, अनिल चौधरी, राजद के श्याम रजक, शकील अहमद खां और अन्य सदस्य खड़े हो गए। इस दौरान मानव संसाधन विकास मंत्री भी सदन में पहुंच गए थे।ड्ढr ड्ढr इधर माले के मुनाफ आलम और अमरनाथ सिंह भी खड़े होकर कुछ बोल रहे थे जिसे हंगामे में सुनना मुश्किल था। हंगामे के बीच ही शून्य काल भी चल रहा था। अपनी बात नहीं सुने जाने के विरोध में श्री मुन्ना, श्री ठाकुर और लोजपा के सदस्य सदन से बहिगर्मन कर गए। कुछ ही देर के बाद राजद के सदस्य भी सदन से निकल गए। सबसे मजेदार बात हुई कि जब राजद के सदस्य सदन से बाहर निकल रहे थे उसी समय शून्य काल का अपना प्रस्ताव पढ़ने के लिए राजद के महेश्वर प्रसाद यादव का नाम पुकारा गया। श्री यादव तुरंत उठकर प्रस्ताव पढ़ने लगे। हालांकि प्रस्ताव खत्म करते ही श्री यादव सदन से बाहर निकल गए।ड्ढr ड्ढr आय-व्यय पर बहस के दौरान विप में विपक्ष ने सरकार की खिंचाई कीड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। विधान परिषद में आय-व्यय पर सामान्य वाद- विवाद के दौरान सोमवार को विपक्ष ने सरकार की जमकर खिंचाई की। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने बजट का समर्थन किया तो विपक्ष ने इसे गरीब विरोधी बताया। बाद विवाद के दौरान राजद के मुंद्रिका सिंह ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री की मॉरीशस यात्रा की आलोचना की तो मॉरीशस के प्रधानमंत्री की बिहार यात्रा के दौरान उनकी जाति को लेकर हुए विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि डा. नवीनचंद्र राम गुलाम को जाति में बांधने की जो कोशिश हुई उससे बिहार की छवि विदेशों में धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि राजद की सरकार में गरीब अधिकारियों के सामने सीना तानकर बैठता था।ड्ढr आज मंत्री भी इस बात का रोना रोते हैं कि अधिकारी उनकी बात नहीं मानते। राजद के ही रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार ने बजट में सहकारिता विभाग की उपेक्षा की है। इस विभाग के लिए वेतन के अलावा अतिरिक्त राशि का प्रावधान ही नहीं है। वाद- विवाद में भाग लेते हुए भाजपा के बालेश्वर सिंह भारती ने कहा कि अब पैरवी करने वालों का जमाना लद गया है। सरकार ने बाढ़ के दौरान ऐतिहासिक काम किया है। बाढ़ उत्तर बिहार की नियति बन गई है। लेकिन आजतक पीड़ितांे की इस कदर सुधि कभी नहीं ली गई।

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