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हड़ताल पर गए शिक्षकेतर कर्मचारी

लंबित मांगों को लेकर राज्य के सभी विश्वविद्यालय एवं अंगीभूत कॉलेजों के 33 हजार शिक्षकेत्तर कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे जिससे कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक गतिविधियां ठप रही। आंदोलनकारियों ने विधान मंडल के समक्ष धरना भी दिया। हड़ताल का आंशिक असर ही पटना विवि में देखने को मिला। अभी यहां पर परीक्षाएं चल रही हैं इस कारण शैक्षणिक कायरे को बाधा नहीं पहुंची। कुछ स्थानों पर कर्मचारियों ने कॉलेज कार्यालय बंद कराने का प्रयास किया लेकिन वे सफल नहीं हुए। पटना विवि कॉलेज कर्मचारी संघ ने 10 से 15 मार्च तक चलनेवाले इस निश्चितकालीन हड़ताल का समर्थन किया है। संघ अपने सदस्यों के साथ 12 एवं 13 मार्च को विधानमंडल के समक्ष धरना देगा।ड्ढr ड्ढr आर-ब्लॉक पर धरना सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के महामंत्री गंगा प्रसाद झा ने कहा कि सरकार ने विश्वविद्यालय शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के साथ जो समझौता किया था उसे लागू नहीं किया जा रहा है। समय सीमा बीतने के बाद भी कर्मचारियों को सुविधा नहीं मिल रही है। धरना में गंगा प्रसाद झा, राजनंदन सिंह, हरिहर मोहन, मो.कैसर, रोहित कुमार, कृष्णा सिंह, उषा साहनी, मो.गुलाम गौस, त्रिपुरारी प्रसाद, श्यामबाबू, प्रेमचन्द्र शामिल थे।ं

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