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दवा नहीं मिलने पर फारबिसगंज अस्पताल में हंगामा

ारबिसगंज रेफरल अस्पताल में रविवार की देर रात दवा नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल काटा। लोगों ने अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की जमकर पिटाई कर दी और चिकित्सक पर भी धारदार हथियार से जानलेवा हमले का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल में मौजूद सुरक्षा गाडरे ने लाठीचार्ज कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्तालल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने हथियार के साथ तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद स्वास्थ्यकर्मियों व चिकित्सकों में दहशत है।ड्ढr ड्ढr घटना के संबंध में अस्पतालकर्मियों ने बताया कि लगभग 11 बजे रात में वार्ड संख्या 07 निवासी रामसेवक पासवान की पत्नी गीता देवी को सर्पदंश के शक पर अस्पताल में लाया गया। उस वक्त चिकित्सक डीएनपी सिन्हा मौजूद थे तथा अस्पताल से दवा देने के बाद टेटभैक की खरीददारी करने को कहा। इसी बीच सैकड़ों की संख्या में लोगों ने आकर गाली-गलौज शुरू कर दी। वहां मौजूद कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की जमकर धुनाई कर दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि लाठी-भाला आदि लेकर आये लोगों में से एक ने चिकित्सक डीएनपी सिन्हा के पेट में छूरा घोंपना चाहा। उसके बाद पदस्थापित सुरक्षागार्ड के हवलदार उमेश सिंह के नेतृत्व में सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज की। वहीं सुरक्षागाडों ने आरोप लगाया कि लोगों के तितर-बितर होने के बाद पुन: सैकड़ों लोगों की भीड़ ने रोड़ेबाजी की लेकिन इसी दौरान थाना पुलिस व सैप के जवानों को देख लोग भाग खड़े हुए। सूचना पर पुलिस के पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने राहत की सांस ली। बाद में थाना प्रभारी चितरंजन ठाकुर ने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिये गये तीनों के नाम क्रमश: श्याम देव पासवान, राकेश पासवान, तथा रविन्द्र पासवान बताया जाता है।ड्ढr ड्ढr इधर फारबिसगंज डीएसपी जितेन्द्र मिश्रा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि चिकित्सकों के खिलाफ ऐसी दुर्भावना गलत परंपरा है। उन्होंने कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस कार्य के कार्य को अंजाम देने के कुत्सित प्रयास की बात कही। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। वहीं पीड़ित चिकित्सक ने बताया कि एक संदेही मरीज के पीछे सैकड़ों की भीड़ में असामाजिक तत्वों द्वारा इस तरह के घिनौने कार्य को अंजाम देने का प्रयास किया गया। डा. डीएनपी सिन्हा ने कहा कि कुछ लोगों की मंशा पेट में गुप्ती घोंपने की थी। समाचार लिखे जाने तक जहां इस मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मेल-मिलाप की कवायद तेज है। हालांकि आरोपी पक्ष समेत कई लोगों ने चिकित्सकों पर जानलेवा हमला को बेबुनियाद बताया है।ं

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