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आग से मां व तीन बच्चे जिंदा जले

प्रखंड के दया छपरा गांव में रविवार की रात घर में आग लगने से मां व तीन बच्चों की मौत हो गयी। आग लगने से 17 घर जलकर राख हो गये जिसमें एक और बच्चा घायल हो गये व आठ बकरियां भी झुलस गयीं। ग्रामीणों का कहना है कि रात साढ़ दस बजे मुनी राम के घर में डिबिया से आग लग गयी। घनी बस्ती होने के चलते देखते-देखते दूसरे कई घरों में भी आग लग गयी। आग से घरों के बांस जलने के क्रम में आवाज आने से लोगों की नींद खुली। लोग अपने घरों से बच्चों को निकाल कर जान बचाने को लेकर इधर-उधर चीख पुकार कर भागने लगे।ड्ढr ड्ढr मुनीराम का घर बीच में होने के चलते किसी को आग में जाने की हिम्मत नहीं हुई। इसके चलते मुनीराम की 35 वर्षीय पतोहू रीता देवी, 10 वर्षीय पोता बीरबल राम, 5 वर्षीय पोता भुटकुन राम तथा 5 माह की पोती खुशबू कुमारी बुरी तरह झुलस गयीं जिससे उनकी मौत हो गयी। वहीं मुनीराम की 12 वर्षीय बेटी बगड़ी झुलसकर घायल हो गयी। आग पर काबू पाने के लिए चकिया पुलिस ने पम्प सेट चालू कराकर पानी का छिड़काव करवाया और इस तरह ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया जा सका। घटना की सूचना पर अनुमंडलाधिकारी गुप्तेश्वर प्रसाद, डीएसपी बीपी रजक, अंचलाधिकारी मनोजित कुमार दास तथा थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने अग्नि पीड़ित गांव का दौरा किया। एसडीआे श्री प्रसाद ने बताया कि अग्निपीड़ित परिवारों के बीच एक सप्ताह का राशन, 40 किलो चूड़ा, एक-एक किलो मीठा, पॉलिथीन, प्रति परिवार दो-दो हजार रुपया, चार मृतकों के दाह-संस्कार के लिए 500-500 रुपये दिय गये हैं। वहीं एक सप्ताह के अंदर में सभी परिवारों को इंदिरा आवास योजना से घर बनाने के लिए राशि स्वीकृत कर वितरण करने का निर्देश बीडीआे को दिया गया है। सासाराम में एनएच पर घंटों तक जबर्दस्त जामड्ढr सासाराम (नि.सं.)। महीनों से जाम की समस्या से ग्रस्त जिला मुख्यालय के बीचोबीच गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग दो (जीटी रोड) सोमवार को जबर्दस्त ढंग से जाम रहा। इस जाम से लगभग दो घंटों तक जिला मुख्यालय ठहर सा गया। दोपहर तक इस जाम में हजारों वाहन फंसे रहे। सुबह बजे जाम का यह सिलसिला शुरू हुआ, जो लगभग 1 बजे तक जारी रहा। इस बीच करवंदिया से कुम्हऊ के बीच हजारों वाहन फंसे रहे, जिसमें यात्री बसों के अलावे स्कूली बस भी शामिल थे। स्कूली बसों पर सैकड़ों बच्चे सवार थे, जो विद्यालय पहुंचने के इंतजार में हलकान थे। इस जाम से जिला मुख्यालय की अन्य सड़कें मसलन सासाराम-आरा, सासाराम-चौसा पथों पर भी यातायात ठप पड़ गये। स्थिति यह थी कि इन सड़कों पर पैदल चलना दूभर हो गया। सड़कों के किनारे चप्पे-चप्पे पर अतिक्रमण व अवैध रूप से खड़े किय गये वाहनों से भी परेशानी हुई। जाम हटाने के लिए प्रशासन की तरफ से किये गये प्रयास भी बेकार साबित हुए। दोपहर बाद धीरे-धीरे जाम हटना शुरू हुआ, लेकिन फिर भी किसी तरह से गाड़ियां मात्र सरक रही थी।

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