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अधिकारियों की विदेश यात्रा पर रोक

बजटीय प्रावधान के भारी बोझ और विधायकों के सुझाव पर पर्यटन मंत्री हरिनारायण राय ने विभाग के आला अफसर से लेकर बाबू तक के विभागीय विदेश यात्रा पर रोक लगा दी है। यह रोक अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों और सम्मलनों पर नहीं रहेगी। मंत्री को विधायकों ने सुझाव दिया था कि बहुत हो चुका विदेश का पर्यटन, अब इस सुंदर हरे भरे प्रदेश में पर्यटन की आधारभूत संरचना विकसित करने की पहल करें।ड्ढr मंत्री ने खुद भी अब विदेश यात्रा नहीं करने की बात क ही है। विभाग का पिछले वर्ष का बजट मात्र 25 करोड़ रुपये था। यह 2008-0े लिए बढ़कर 175 करोड़ हो गया है। सात गुना वृद्धि में विभाग लगन से काम करे तो राज्य का कोई भी पर्यटक स्थल आधा अधूरा नहीं रहेगा।ड्ढr सरकार पहले धार्मिक महत्व के तीर्थ स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक स्थल बनाना चाह रही है। विधायकों की सोच है कि राज्य में ऐसे कई साइट हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के परिदृश्य रखते हैं। 1842 में कोलकोता से फादर हेब्रेलीन तत्कालीन डीसी कैप्टन हेरिगंटन के बुलावे पर छोटानागपुर आये थे। फादर ने छोटानागपुर की हरी भरी वादियों की खूबसूरती की तुलना स्काटलैंड यार्ड से की थी। जब अपने राज्य में इतने महत्वपूर्ण साइट हैं, तो विदेश की यात्रा पहले करने का कोई मतलब नहीं है। अब विभाग पर्यटन महत्व के स्थलों पर आधारभूत संरचना विकसित करेगा। मंत्री के आदेश पर की जा रही कार्रवाई : सचिवड्ढr रांची। पर्यटन विभाग के सचिव अरुण सिंह ने इस संबंध में कहा कि मंत्री हरिनारायण राय ने विधायकों के सुझाव पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मंत्री के आदेश के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। बहुत जरूरी होने पर सरकार से आदेश लेकर विदेश यात्रा की जा सकती है।

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