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176 पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त, दी आत्मदाह की धमकी

आेवर यूनिट के कारण जिले के 176 पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गयी है। जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय से इस बाबत आदेश निर्गत हो चुका है। इससे गुस्साये पारा शिक्षकों ने आत्मदाह की धमकी दी है। झारखंड राज्य सहयोगी शिक्षामित्र पारा शिक्षक संघ की बैठक में विधानसभा के समक्ष सामूहिक आत्मदाह का निर्णय लिया गया।ड्ढr बैठक में कहा गया कि शुरुआती दिनों में पारा शिक्षकों को रख कर बंद विद्यालय खोला गया। अब सरकारी शिक्षक का पदस्थापन कर उन्हें हटाया जा रहा है। इसका जोरदार विरोध किया जायेगा। आंकलन प्रपत्र भरने का भी विरोध किया गया। कहा गया कि सरकार पहले इस प्रपत्र की मंशा को स्पष्ट करें। इसके बाद पारा शिक्षक इसे भरने पर विचार करेंगे। मानदेय वृद्धि पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद भी विभाग अब तक पत्र निर्गत नहीं कर सका। इससे पारा शिक्षकों में असंतोष बढ़ने लगा है। हड़ताल अवधि का मानदेय देने की शिक्षा मंत्री की घोषण पर भी अब तक अमल नहीं हुआ। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी, विकास कुमार, दीपक कुमार, संदीप सोरेन, संजय कुमार, शिवनाथ महतो, गौतम पाल, महेश सिंह और प्रवक्ता ऋषिकेश पाठक समेत अन्य उपस्थित थे।ड्ढr अनुदान नहीं मिला, तो होली नहीं मनायेंगे इंटरकर्मीड्ढr झारखंड इंटरमीडिएट शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ ने होली से पहले राज्य के इंटर कॉलेजों को अनुदान देने की मांग की है। अनुदान नहीं मिलने पर होली नहीं मनाने और सारा दिन उपवास करने का निर्णय संघ की 11 मार्च को हुई बैठक में लिया गया। संरक्षक रघुनाथ सिंह ने कहा कि इस बार अनुदान अधिनियम एवं निमयावली के अनुसार अनुदान नहीं मिला, तो इंटरकर्मी उग्र आंदोलन भी करेंगे। इंटरकर्मियों को भी एक निश्चित मानदेय देने की बात की गयी। बैठक में संतोष सत्यार्थी, डॉ देवनाथ सिंह, अजय बाग्ला, अरविंद सिंह, विनोद कुमार उपस्थित थे।

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